ग्लोबल फार्मा कंपनी Novo Nordisk अब अपने ओरल पेप्टाइड ट्रीटमेंट्स के लिए एक्सटर्नल मैन्युफैक्चरिंग पर जोर दे रही है। इस बदलाव के बीच Macquarie के एनालिस्ट्स ने Divi's Laboratories को एक संभावित बड़ा लाभार्थी बताया है, हालांकि अभी तक दोनों कंपनियों के बीच किसी आधिकारिक पार्टनरशिप का एलान नहीं हुआ है।
मैन्युफैक्चरिंग में बड़ा बदलाव
डायबिटीज और वेट-लॉस दवाओं के लिए मशहूर Novo Nordisk अपनी मैन्युफैक्चरिंग स्ट्रैटेजी में बड़ा बदलाव कर रही है। ओरल दवाओं की बढ़ती डिमांड को देखते हुए कंपनी अब कॉन्ट्रैक्ट मैन्युफैक्चरर्स (CDMOs) की मदद ले रही है। ओरल दवाओं के लिए इंजेक्टेबल की तुलना में 73 गुना ज्यादा API की जरूरत होती है, जिसके चलते कंपनी को बड़े पैमाने पर प्रोडक्शन पार्टनर की तलाश है।
क्यों सुर्खियों में है Divi's Labs?
Macquarie के एनालिस्ट्स का मानना है कि Divi's Laboratories इस दौड़ में सबसे आगे हो सकता है। इसकी मुख्य वजह है कंपनी की वर्टिकल इंटीग्रेशन क्षमता, जिससे वे अपने कच्चे माल का प्रोडक्शन खुद करते हैं। यह सप्लाई चेन पर बेहतर कंट्रोल देता है, जो Novo Nordisk जैसी बड़ी कंपनियों की पहली पसंद है।
हालांकि, निवेशकों को यह याद रखना चाहिए कि अभी तक पार्टनरशिप को लेकर कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। यह पूरी तरह से एनालिस्ट्स का अनुमान है।
कंपनी का हालिया प्रदर्शन
Divi's Labs ने हाल ही में शानदार नतीजे पेश किए थे। फाइनेंशियल ईयर 2027 की पहली तिमाही में कंपनी का नेट प्रॉफिट ₹902 करोड़ रहा, जो पिछले साल के मुकाबले 65.5% अधिक है। फिलहाल स्टॉक ₹9,160 के आसपास ट्रेड कर रहा है और कंपनी ने अपने दूसरे तिमाही नतीजों के लिए ट्रेडिंग विंडो भी बंद कर दी है।
रिस्क और चुनौतियां
बाजार में मुकाबला कड़ा है। WuXi AppTec और Samsung Biologics जैसी बड़ी कंपनियां भी इस पेप्टाइड मार्केट में अपनी हिस्सेदारी के लिए जोर लगा रही हैं। साथ ही, फार्मा सेक्टर में सख्त रेगुलरिटी नॉर्म्स और जटिल सिंथेसिस प्रोजेक्ट्स को समय पर पूरा करना भी एक बड़ी चुनौती है। निवेशकों को आने वाले समय में मैनेजमेंट की कमेंट्री और किसी भी आधिकारिक कॉन्ट्रैक्ट की खबरों पर बारीकी से नजर रखनी चाहिए।
