लॉजिस्टिक्स कंपनी Delhivery के शेयर पर ब्रोकरेज फर्म Prabhudas Lilladher ने 'Hold' रेटिंग बरकरार रखी है और ₹503 का टारगेट प्राइस दिया है। यह फैसला कंपनी के Q1 FY27 के नतीजों के बाद आया है, जिसमें रेवेन्यू ग्रोथ तो अच्छी रही, लेकिन ऑपरेशनल लागत और इंटीग्रेशन खर्चों के कारण नेट प्रॉफिट में **65%** की भारी गिरावट दर्ज की गई।
नतीजे क्यों हुए खराब?
Prabhudas Lilladher ने लॉजिस्टिक्स दिग्गज Delhivery पर अपनी 'Hold' रेटिंग को ₹503 के टारगेट प्राइस के साथ बनाए रखा है। यह कदम कंपनी के Q1 FY27 के नतीजों के बाद उठाया गया है, जिसमें रेवेन्यू में 28% की सालाना ग्रोथ देखने को मिली, लेकिन नेट प्रॉफिट में 65% की गिरावट आई। यह गिरावट कई ऑपरेशनल चुनौतियों की ओर इशारा कर रही है।
लागत का बढ़ता बोझ
मुनाफे पर दबाव के मुख्य कारण हैं: फ्यूल की बढ़ती कीमतें, हरियाणा, कर्नाटक, उत्तर प्रदेश और पंजाब जैसे राज्यों में वेज इन्फ्लेशन (वेतन वृद्धि) और Ecom Express के हालिया अधिग्रहण के इंटीग्रेशन से जुड़े खर्चे। इन ऑपरेशनल खर्चों का असर कंपनी के EBITDA मार्जिन पर पड़ा, जो पहली तिमाही में 4.9% रहा, जबकि ब्रोकरेज का अनुमान 7.0% था। बढ़ी हुई लागत को ग्राहकों पर डालना, खासकर कॉन्ट्रैक्ट री-प्राइसिंग के जरिए, एक बड़ी चुनौती बनी हुई है।
आगे की राह क्या?
इन छोटी अवधि की प्रॉफिटेबिलिटी की दिक्कतों के बावजूद, ब्रोकरेज कंपनी की सेल्स ग्रोथ को लेकर पॉजिटिव है। Prabhudas Lilladher का अनुमान है कि Delhivery अगले दो सालों में 18% के सेल्स कंपाउंड एनुअल ग्रोथ रेट (CAGR) हासिल करेगी। कंपनी फ्यूल पास-थ्रू क्लॉज का इस्तेमाल कर मार्जिन सुधारने की कोशिश कर रही है, जिससे फ्यूल महंगा होने पर ग्राहकों से ज्यादा चार्ज किया जा सके। हालांकि, इन एडजस्टमेंट्स को बैलेंस शीट में दिखने में समय लगता है, खासकर वेज इन्फ्लेशन के मामले में।
चालू और अगले फाइनेंशियल ईयर के लिए EBITDA मार्जिन का अनुमान क्रमशः 6.7% और 9.5% लगाया गया है। शेयरधारकों के लिए मुख्य बात यह होगी कि Delhivery वॉल्यूम ग्रोथ को संतुलित करते हुए अपने मार्जिन में कितनी तेजी से सुधार कर पाती है। Ecom Express बिजनेस का सफल इंटीग्रेशन और एक्सप्रेस पार्सल सेगमेंट में स्थिर रियलाइजेशन भी आने वाली तिमाहियों में कंपनी के इन ऑपरेशनल टारगेट्स को पूरा करने में महत्वपूर्ण होंगे।
