Deepak Nitrite, Ujjivan SFB पर Kotak की 'पॉजिटिव' राय, जानें क्यों

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AuthorAditi Chauhan|Published at:
Deepak Nitrite, Ujjivan SFB पर Kotak की 'पॉजिटिव' राय, जानें क्यों

Kotak Securities ने Deepak Nitrite और Ujjivan Small Finance Bank दोनों के लिए सकारात्मक रेटिंग जारी की है। ब्रोकरेज ने Deepak Nitrite के फेनोलिक्स बिजनेस में दमदार नतीजों और Ujjivan SFB के लोन पोर्टफोलियो में लाए गए बदलावों की सराहना की है।

Deepak Nitrite: केमिकल साइकिल और भविष्य की योजनाएं

भारतीय केमिकल इंडस्ट्री की जानी-मानी कंपनी Deepak Nitrite के फेनोलिक्स बिजनेस से अच्छे संकेत मिल रहे हैं। हाल के नतीजों में फेनोल प्राइस स्प्रेड (phenol price spread) का बढ़ना एक अहम वजह रहा, जो ग्लोबल सप्लाई चेन में आई दिक्कतों के बाद बढ़ा है। कंपनी ने अपने रॉ मटेरियल इन्वेंटरी को बखूबी मैनेज किया है, जिससे इस दौरान उन्हें बढ़िया मार्जिन हासिल हुआ है।

दीपक नाइट्राइट कई बड़े कैपिटल-इंटेंसिव प्रोजेक्ट्स पर काम कर रही है। इसी फाइनेंशियल ईयर में MIBK (Methyl Isobutyl Ketone) का कमर्शियलाइजेशन और तीसरी तिमाही तक नए फ्लोरिनेटेड प्रोडक्ट्स (fluorinated products) लॉन्च करने की योजना है। इसके अलावा, 2028 तक एक बड़े इंटीग्रेटेड पॉलीकार्बोनेट प्रोजेक्ट (integrated polycarbonate project) पर भी काम चल रहा है।

हालांकि, ये प्रोजेक्ट्स कंपनी को हाई-वैल्यू प्रोडक्ट सेगमेंट में ले जाने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन निवेशकों को केमिकल इंडस्ट्री की साइक्लिकल नेचर (cyclical nature) को ध्यान में रखना चाहिए। ब्रोकरेज रिपोर्ट चेतावनी देती है कि फेनोल स्प्रेड में तेजी के कारण अभी जो प्रॉफिटेबिलिटी दिख रही है, वह मार्केट की बदलती परिस्थितियों और कस्टमर प्राइसिंग प्रेशर बढ़ने के साथ सामान्य हो सकती है। इन बड़े एक्सपेंशन प्रोजेक्ट्स से जुड़े डेट प्रेशर (debt pressure) को मैनेज करना और बदलते मार्केट साइकिल्स में प्रॉफिटेबिलिटी बनाए रखना कंपनी के लिए एक अहम फैक्टर होगा।

Ujjivan SFB: सिक्योर लेंडिंग की ओर कदम

Ujjivan Small Finance Bank को एक संतुलित फाइनेंशियल इंस्टीट्यूशन के रूप में उभरने की उम्मीद है। बैंक माइक्रोफाइनेंस-हैवी लेंडिंग से हटकर अफोर्डेबल हाउसिंग, मीडियम और स्मॉल एंटरप्राइज लोंस, और फाइनेंशियल इंस्टीट्यूशन ग्रुप लेंडिंग जैसे सेगमेंट्स में विस्तार कर रहा है। इसका लक्ष्य फाइनेंशियल ईयर 2027 के अंत तक अपने लोन पोर्टफोलियो का 56% सिक्योर लोंस की ओर ले जाना है।

इस डायवर्सिफिकेशन स्ट्रैटेजी का असर बैंक के हालिया प्रदर्शन में दिख रहा है। पिछले साल में बैंक के लोन बुक में 27% की ग्रोथ और लो-कॉस्ट CASA डिपॉजिट्स में 36% का इजाफा हुआ है। एसेट क्वालिटी (Asset quality) के मेट्रिक्स, जैसे कि 0.4% पर नेट नॉन-परफॉर्मिंग एसेट्स (Net NPAs), दर्शाते हैं कि माइक्रोफाइनेंस लेंडिंग में अक्सर देखे जाने वाले सेक्टर स्ट्रेस के बावजूद बैंक ने बैड लोंस (bad loans) को कम रखा है। आगे चलकर, निवेशक यह ट्रैक कर सकते हैं कि क्या बैंक अगले साल के लिए अपने 25% क्रेडिट ग्रोथ टारगेट को बनाए रख पाता है या नहीं, और क्या इन नए, सिक्योर लेंडिंग सेगमेंट्स को स्केल करते हुए उसका रिटर्न ऑन एसेट्स (Return on Assets) अनुमानित 1.6% से 1.8% रेंज में बना रहता है।

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