Deepak Nitrite के हालिया शानदार नतीजों के बावजूद ब्रोकरेज फर्म Prabhudas Lilladher ने स्टॉक पर 'Reduce' की रेटिंग बरकरार रखी है। कंपनी का मुनाफा भले ही **235%** बढ़ा हो, लेकिन ग्लोबल मार्केट में ओवरसप्लाई और महंगी वैल्यूएशन बड़ी चिंता बनी हुई है।
मुनाफे में उछाल, लेकिन रिस्क बरकरार
हाल ही में पेश किए गए फाइनेंशियल रिजल्ट्स में Deepak Nitrite ने शानदार आंकड़े पेश किए हैं। कंपनी का नेट प्रॉफिट साल-दर-साल 235% बढ़कर ₹398 करोड़ हो गया है, जबकि रेवेन्यू 61% की छलांग के साथ ₹3,091 करोड़ दर्ज किया गया। इस तेजी के पीछे सबसे बड़ा हाथ फिनोलिक्स (Phenolics) सेगमेंट का रहा, जिसने ₹2,291 करोड़ का रेवेन्यू दिया है।
क्यों सतर्क हैं एक्सपर्ट्स?
Prabhudas Lilladher का मानना है कि मौजूदा मुनाफा ग्लोबल लेवल पर सप्लाई में आई दिक्कतों का नतीजा है, जो कि अस्थायी हो सकता है। जैसे-जैसे ग्लोबल सप्लाई सुधरेगी और घरेलू स्तर पर नई क्षमताएं आएंगी, मार्जिन में गिरावट (Margin Normalization) का बड़ा रिस्क बना हुआ है।
इसके अलावा, 'एडवांस्ड इंटरमीडिएट्स' सेगमेंट में लॉजिस्टिक्स लागत बढ़ने से ऑपरेटिंग प्रॉफिट पर दबाव दिखा है। ब्रोकरेज ने यह भी कहा कि स्टॉक अभी अपनी FY29 की अनुमानित कमाई के 25 गुना पर ट्रेड कर रहा है, जो काफी महंगा है।
भविष्य की योजनाएं और चुनौतियां
कंपनी फिलहाल दहेज (Dahej) प्लांट के विस्तार और पॉलीकार्बोनेट रेजिन मार्केट में एंट्री की तैयारी कर रही है। हालांकि, इन बड़े प्रोजेक्ट्स के लिए भारी कैपिटल खर्च की जरूरत है और इनका पूरा फायदा FY30 तक ही देखने को मिलेगा। फिलहाल, निवेशकों को यह नजर रखनी होगी कि फिनोलिक्स सेगमेंट के मार्जिन कब तक टिके रहते हैं और नई क्षमताएं कंपनी की बैलेंस शीट पर कितना दबाव डालती हैं।
