Deep Industries के शेयरों में आज **7%** की शानदार उछाल देखी गई। कंपनी ने दूसरी तिमाही में **34%** की रेवेन्यू ग्रोथ के साथ **₹295 करोड़** का आंकड़ा पार किया है।
मुनाफे में इजाफा और रेवेन्यू की रफ्तार
4 नवंबर, 2026 को Deep Industries के शेयरों ने बाजार में जबरदस्त हलचल मचाई। कंपनी ने फाइनेंशियल ईयर 2027 की दूसरी तिमाही के लिए बेहतरीन परफॉर्मेंस दिखाई है। नए प्रोजेक्ट्स की शुरुआत के दम पर कंपनी का रेवेन्यू पिछले साल के मुकाबले 34% बढ़कर ₹295.43 करोड़ पर पहुंच गया। वहीं, नेट प्रॉफिट में भी 14% की बढ़त दर्ज की गई, जो ₹81.22 करोड़ रहा।
मार्जिन पर दबाव का पेंच
रेवेन्यू में बड़ी ग्रोथ के बावजूद कंपनी के प्रॉफिट मार्जिन पर दबाव साफ दिख रहा है। EBITDA मार्जिन घटकर 39.6% रह गया है, जो पिछले साल की समान तिमाही में 46.6% था। इसका मुख्य कारण मेंटेनेंस और मटेरियल कॉस्ट में आई तेजी है। निवेशकों के लिए यह एक संकेत है कि टॉप-लाइन ग्रोथ को बरकरार रखने के साथ-साथ इनपुट कॉस्ट को मैनेज करना कंपनी की अगली चुनौती होगी।
ऑर्डर बुक और भविष्य की रणनीति
कंपनी के पास ₹3,089 करोड़ की मजबूत ऑर्डर बुक है, जो आने वाले सालों में ग्रोथ का भरोसा दिलाती है। मैनेजमेंट ने फाइनेंशियल ईयर 2027 और 2028 के लिए 30% से 35% रेवेन्यू ग्रोथ का लक्ष्य रखा है। एनर्जी सिक्योरिटी सेक्टर में सरकारी पहलों के चलते कंपनी को ऑयल और गैस सर्विस क्षेत्र में नए कॉन्ट्रैक्ट मिलने की पूरी उम्मीद है।
रिस्क और ध्यान रखने वाली बातें
कंपनी का कामकाज काफी हद तक ऑयल और गैस एक्सप्लोरेशन क्लाइंट्स के कैपिटल एक्सपेंडिचर पर निर्भर करता है। यदि क्लाइंट्स खर्च घटाते हैं या प्रोजेक्ट्स में देरी होती है, तो इसका सीधा असर कंपनी की कमाई पर पड़ सकता है। इसके अलावा, लॉजिस्टिक्स और मेंटेनेंस से जुड़े ऑपरेशनल रिस्क भी बने हुए हैं। आने वाले समय में यह देखना दिलचस्प होगा कि कंपनी अपने मार्जिन को कैसे स्टेबल रखती है और क्या वह अपने तय लक्ष्य को समय पर पूरा कर पाती है।
