Datamatics Share Price: निवेशकों में हड़कंप! सब्सिडियरी लिक्विडेशन और 51% मुनाफे में गिरावट से शेयर धड़ाम

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AuthorKaran Malhotra|Published at:
Datamatics Share Price: निवेशकों में हड़कंप! सब्सिडियरी लिक्विडेशन और 51% मुनाफे में गिरावट से शेयर धड़ाम
Overview

Datamatics Global Services Ltd. के शेयर में आज भारी गिरावट आई। कंपनी के **51%** से ज्यादा नेट प्रॉफिट (Net Profit) में आई कमी और सब्सिडियरी (Subsidiary) के लिक्विडेशन (Liquidation) की खबर ने निवेशकों को झटका दिया, जिससे स्टॉक **5%** लुढ़क गया।

मुख्य वजह: सब्सिडियरी लिक्विडेशन और मुनाफे में भारी गिरावट

Datamatics Global Services के शेयर में भारी बिकवाली (Sell-off) देखी गई, स्टॉक 5% से ज्यादा गिरकर ₹754.1 पर आ गया। यह 20 फरवरी के बाद सबसे बड़ी गिरावट है। इस गिरावट का मुख्य कारण नीदरलैंड्स स्थित सब्सिडियरी, Datamatics Global Services B.V. का 18 फरवरी, 2026 से लिक्विडेशन (Liquidation) शुरू होना है। IT-enabled Services देने वाली इस कंपनी के शेयर लगातार दूसरे दिन गिरे, जबकि बेंचमार्क Nifty 50 में मामूली 0.04% की बढ़त थी। ट्रेडिंग वॉल्यूम (Trading Volume) पिछले 30 दिनों के औसत से 2.3 गुना ज्यादा रहा, जो बिकवाली के दबाव को दिखाता है। कंपनी का मार्केट कैप (Market Cap) अब ₹4,493.86 करोड़ है। इस निगेटिव सेंटिमेंट (Negative Sentiment) के चलते इस साल (Year-to-Date) शेयर में 6.5% की गिरावट आई है, जबकि Nifty 50 इसी अवधि में 2% नीचे गया है।

नतीजों पर गहरी नजर

कंपनी के दिसंबर 2025 को समाप्त तिमाही के नतीजे भी चिंताजनक रहे। नेट प्रॉफिट (Net Profit) में पिछले साल की समान अवधि की तुलना में 51.04% की भारी गिरावट आई, जो ₹74.31 करोड़ से घटकर ₹36.38 करोड़ रह गया। हैरान करने वाली बात यह है कि इस भारी मुनाफा कटौती के बावजूद, कंपनी के रेवेन्यू (Revenue) में 19.89% की अच्छी बढ़ोतरी हुई। रेवेन्यू ₹425.47 करोड़ से बढ़कर ₹510.10 करोड़ हो गया। रेवेन्यू ग्रोथ (Revenue Growth) और प्रॉफिट में गिरावट के बीच यह बढ़ता अंतर, कंपनी के अंदर मार्जिन प्रेशर (Margin Pressure) या लागत बढ़ने की ओर इशारा करता है।

एनालिस्ट्स (Analysts) की राय और चिंताएं

Datamatics Global Services, AI, Robotic Process Automation और Business Intelligence जैसी टेक्नोलॉजी पर आधारित सॉल्यूशंस (Solutions) देती है। हालांकि, कंपनी का मौजूदा वैल्यूएशन (Valuation), जिसमें पिछले 12 महीनों का प्राइस-टू-अर्निंग्स (P/E) रेशियो करीब 25x है, इसे Infosys (P/E ~24x) जैसे बड़े IT प्लेयर के मुकाबले मिड-रेंज में रखता है। हाल के समय में, भारतीय IT सेक्टर ग्लोबल टेक स्पेंडिंग (Tech Spending) के मुश्किल माहौल से जूझ रहा है। विदेशी सब्सिडियरी का लिक्विडेशन (Liquidation) अक्सर स्ट्रैटेजिक री-फोकसिंग (Strategic Refocusing) या आउट ऑफ फेवर ऑपरेशन (Out of Favor Operations) को दिखाता है, जिससे निवेशकों की चिंताएं बढ़ जाती हैं।

Choice Broking के एनालिस्ट्स (Analysts) ने 'Buy' रेटिंग बनाए रखी है, लेकिन उन्होंने 'डिजिटल एक्सपीरियंस सेगमेंट (Digital Experience Segment) में निकट भविष्य में नरमी' और 'मैक्रोइकोनॉमिक अनिश्चितता' का जिक्र करते हुए अपने अनुमानों (Estimates) को कम किया है। इसका मतलब है कि कंपनी की ग्रोथ उम्मीद से धीमी रह सकती है। नेट प्रॉफिट में इतनी बड़ी गिरावट, जबकि रेवेन्यू बढ़ रहा है, ऑपरेशनल एफिशिएंसी (Operational Efficiency) और मार्जिन मैनेजमेंट (Margin Management) पर सवाल खड़े करती है। सब्सिडियरी का लिक्विडेशन भविष्य में भौगोलिक विस्तार (Geographical Diversification) या मार्केट एक्सेस (Market Access) को भी प्रभावित कर सकता है।

आगे की राह

Choice Broking ने Datamatics के लिए अपनी आय का अनुमान संशोधित किया है। अब वे FY25 से FY28 के बीच रेवेन्यू (Revenue), EBIT और PAT (Profit After Tax) में क्रमशः 11.1%, 22.1% और 11.5% की कंपाउंड एनुअल ग्रोथ रेट (CAGR) की उम्मीद कर रहे हैं। ब्रोकरेज फर्म ने स्टॉक के लिए टारगेट प्राइस (Target Price) को पहले के ₹1,130 से घटाकर ₹920 कर दिया है, लेकिन 'Buy' रिकमेंडेशन (Recommendation) को दोहराया है। हालांकि, बाजार की मौजूदा प्रतिक्रिया यही दिखा रही है कि निवेशक हालिया सब्सिडियरी लिक्विडेशन और प्रॉफिट में भारी गिरावट को इन भविष्य की उम्मीदों से ज्यादा महत्व दे रहे हैं।

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