Dalmia Bharat के शेयरधारकों के लिए मिली-जुली खबर है। एक ओर जहां ब्रोकरेज फर्म Prabhudas Lilladher ने कंपनी के लिए **₹2,173** का टारगेट प्राइस तय किया है, वहीं दूसरी ओर हालिया नतीजों और F&O सेगमेंट से बाहर होने जैसी चिंताओं ने निवेशकों को परेशान कर रखा है।
ब्रोकरेज की उम्मीदें और कंपनी की योजनाएं
Prabhudas Lilladher ने Dalmia Bharat पर भरोसा जताते हुए अपना प्राइस टारगेट ₹2,173 कर दिया है। ब्रोकरेज का मानना है कि कंपनी की क्षमता विस्तार (capacity expansion) और रणनीतिक रूप से केंद्रीय बाजारों में एंट्री लंबी अवधि में फायदेमंद साबित होगी। रिपोर्ट के अनुसार, FY26 से FY29 के बीच वॉल्यूम में 11% की मजबूत CAGR (Compound Annual Growth Rate) की उम्मीद है। कंपनी का लक्ष्य FY28 के अंत तक कुल क्षमता 70 मिलियन टन प्रति वर्ष (mtpa) तक पहुंचाना है, और भविष्य में इसे 110 mtpa तक ले जाने की योजना है। यह लक्ष्य दक्षिण और पश्चिम क्षेत्रों में प्रोजेक्ट्स के सफल होने और अधिग्रहित संपत्तियों के एकीकरण पर आधारित है।
नतीजों में बड़ी गिरावट और कर्ज का बोझ
जहां ब्रोकरेज लंबी अवधि की क्षमता को लेकर उत्साहित है, वहीं Dalmia Bharat के हालिया तिमाही नतीजे चिंताजनक हैं। Q1 FY27 में कंपनी का नेट प्रॉफिट घटकर ₹192 करोड़ रह गया, जो पिछले साल की समान अवधि की तुलना में 51.4% की बड़ी गिरावट है। यह गिरावट मुख्य रूप से Jaiprakash Associates से सीमेंट संपत्तियों के अधिग्रहण से जुड़े ₹182 करोड़ के एकमुश्त असाधारण शुल्क (one-time exceptional charge) के कारण आई है।
हालिया तिमाही के फाइनेंशियल मेट्रिक्स बताते हैं कि प्रॉफिटेबिलिटी पर दबाव है। EBITDA मार्जिन 20.7% रहा, जो पिछले साल की तुलना में 360 बेसिस पॉइंट की गिरावट दर्शाता है। इसके अलावा, कंपनी का कर्ज भी बढ़ा है, जिसमें नेट डेट-टू-EBITDA रेशियो बढ़कर 1.47x हो गया है। यह बढ़ा हुआ कर्ज स्तर निवेशकों के लिए एक अहम चिंता का विषय है, क्योंकि यह कंपनी की तत्काल वित्तीय लचीलेपन को कम करता है।
F&O से बाहर होने का असर
वित्तीय आंकड़ों के अलावा, बाजार प्रतिभागी स्टॉक से जुड़े तकनीकी बदलावों पर भी प्रतिक्रिया दे रहे हैं। BSE ने घोषणा की है कि Dalmia Bharat को 28 अगस्त, 2026 से डेरिवेटिव्स, यानी फ्यूचर्स और ऑप्शंस (F&O) सेगमेंट से बाहर कर दिया जाएगा। इस तरह के बहिष्करण अक्सर ट्रेडिंग वॉल्यूम और लिक्विडिटी में बदलाव लाते हैं, जिससे अल्पावधि में स्टॉक की कीमत में अधिक उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है।
Dalmia Bharat का निवेश मामला फिलहाल इसकी क्षमता योजनाओं को लागू करने और केंद्रीय क्षेत्र में लागत दबाव के बावजूद मार्जिन में सुधार करने की क्षमता पर टिका है। ब्रोकरेज को उम्मीद है कि नवीकरणीय ऊर्जा के बढ़ते उपयोग, बेहतर लॉजिस्टिक्स और वेस्ट हीट रिकवरी सिस्टम जैसी पहलें अंततः लागत अनुकूलन में मदद करेंगी। कंपनी पर नजर रखने वाले निवेशक Jaiprakash Associates की संपत्तियों के एकीकरण की दक्षता, आने वाली तिमाहियों में लाभ मार्जिन के स्थिरीकरण और चल रहे पूंजीगत खर्च के बीच कंपनी द्वारा अपने कर्ज स्तरों के प्रबंधन पर ध्यान केंद्रित कर सकते हैं।
