DMart की विस्तार योजना से बढ़ी ग्रोथ की उम्मीद, वैल्यूएशन पर भी बनी रहेगी नजर
ब्रोकरेज फर्म Motilal Oswal ने Avenue Supermarts (DMart) पर अपना भरोसा जताया है। ब्रोकरेज ने स्टॉक की 'Buy' रेटिंग को कायम रखते हुए, शेयर के लिए टारगेट प्राइस को ₹5,200 तक पहुंचा दिया है। कंपनी की तेजी से स्टोर खोलने की रणनीति और मुनाफे की बेहतर उम्मीदें इस अपग्रेड की मुख्य वजह हैं। Motilal Oswal का अनुमान है कि फाइनेंशियल ईयर 2026 से 2028 के बीच कंपनी का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू (Revenue) 19% और EBITDA 20% की सालाना दर से बढ़ेगा। इसके लिए कंपनी हर साल स्टोर एरिया में 16% की बढ़ोतरी करेगी और मौजूदा स्टोर्स पर सेल्स में हाई-सिंगल-डिजिट ग्रोथ हासिल करेगी। साथ ही, FY27-28 के लिए नेट प्रॉफिट (PAT) के अनुमानों को 3-7% तक बढ़ाया गया है, जिसका श्रेय बेहतर बोरिंग कॉस्ट और एसेट राइट-ऑफ के अनुमानों को जाता है।
क्यों है DMart का वैल्यूएशन इतना हाई?
DMart का हाई वैल्यूएशन (Valuation) निवेशकों के इस भरोसे को दर्शाता है कि कंपनी भविष्य में तगड़ी कमाई करेगी। Motilal Oswal ने कंपनी के FY28 के अनुमानित EBITDA का लगभग 45 गुना वैल्यूएशन लिया है, जिससे FY28 के लिए प्राइस-टू-अर्निंग (P/E) रेशियो लगभग 81 गुना बैठता है। 4 मई, 2026 तक, DMart के शेयर लगभग ₹4,600 पर ट्रेड कर रहे थे, जिसका मतलब है कि टारगेट प्राइस तक पहुंचने पर इसमें करीब 13% की तेजी आ सकती है। इस उम्मीद का सबसे बड़ा कारण DMart का आक्रामक विस्तार प्लान है: फाइनेंशियल ईयर 2026 में 85 नए स्टोर खोलने की योजना है, जिसके बाद FY27 में 85 और FY28 में 90 नए स्टोर खोले जाएंगे। इसका मकसद ज्यादा से ज्यादा मार्केट शेयर पर कब्जा करना है, खासकर छोटे शहरों में जहां कम कीमतों का इनका मॉडल काफी लोकप्रिय है।
भारतीय रिटेल मार्केट में बढ़ती प्रतिस्पर्धा
भारत का रिटेल मार्केट (Retail Market) बेहद प्रतिस्पर्धी और तेजी से बदल रहा है। DMart की 'Every Day Low Cost' और 'Every Day Low Price' की पुरानी रणनीति को Reliance Retail और Tata Retail जैसे बड़े खिलाड़ियों से कड़ी चुनौती मिल रही है। ये कंपनियां फिजिकल स्टोर्स और ऑनलाइन सेवाओं, दोनों में भारी निवेश कर रही हैं ताकि ज्यादा से ज्यादा ग्राहकों को अपनी ओर खींच सकें। फास्ट डिलीवरी सर्विसेज के उदय ने भी ग्राहकों को तुरंत सेवा की उम्मीद करने पर मजबूर कर दिया है, खासकर शहरों में। Motilal Oswal इन चुनौतियों को स्वीकार करता है, लेकिन उनका मानना है कि DMart का लॉयल कस्टमर बेस, एफिशिएंट ऑपरेशंस और मजबूत स्टोर-लेवल फाइनेंस इसे एक स्थायी बढ़त दिलाता है, खासकर मेट्रो शहरों के बाहर। उम्मीद है कि युवा आबादी और बढ़ती आय के दम पर भारतीय रिटेल सेक्टर में महत्वपूर्ण ग्रोथ दिखेगी, जिसमें छोटे शहर प्रमुख ग्रोथ इंजन बनेंगे।
DMart के भविष्य के लिए रिस्क: एग्जीक्यूशन और मार्जिन
हालांकि, इन उम्मीदों के साथ कुछ बड़े जोखिम भी जुड़े हुए हैं। शेयर की मौजूदा कीमत और 81 के फॉरवर्ड P/E रेशियो के साथ, स्टॉक का हाई वैल्यूएशन गलतियों के लिए बहुत कम गुंजाइश छोड़ता है। DMart की विस्तार योजनाएं साइट सिलेक्शन, कंस्ट्रक्शन और सप्लाई चेन मैनेजमेंट के परफेक्ट एग्जीक्यूशन पर बहुत ज्यादा निर्भर करती हैं। किसी भी तरह की देरी या अप्रत्याशित लागत का बढ़ना अनुमानित मुनाफे पर भारी पड़ सकता है। मजूरी, किराया और सप्लाई जैसे खर्चों पर महंगाई का असर DMart के पहले से ही टाइट प्रॉफिट मार्जिन को खतरे में डाल सकता है। यह देखना होगा कि क्या DMart इन बढ़ती लागतों को प्राइस-सेंसिटिव ग्राहकों पर डाल पाता है या नहीं। बड़े और डाइवर्सिफाइड रिटेलर्स के विपरीत, DMart का लो-मार्जिन ग्रोसरी पर फोकस इसे इन दबावों के प्रति अधिक संवेदनशील बनाता है। Motilal Oswal द्वारा बताए गए बोरिंग कॉस्ट में बढ़ोतरी की आशंका भी कंपनी के विस्तार के लिए फंड जुटाने के साथ बढ़ सकती है। अन्य एनालिस्ट्स (Analysts) ज्यादा सतर्क हैं; उदाहरण के लिए, JPMorgan के कुछ एनालिस्ट्स वैल्यूएशन और प्रतिस्पर्धा को देखते हुए स्टॉक को 'Neutral' रेटिंग और ₹4,800 का टारगेट दे रहे हैं। ऐतिहासिक रूप से, DMart के शेयर अक्सर शुरुआती उछाल के बाद कंसॉलिडेशन (Consolidation) के दौर से गुजरते हैं, क्योंकि निवेशक ग्रोथ प्लान का आकलन करते हैं, और इसका वर्तमान ट्रेलिंग P/E रेशियो लगभग 95x इसके हाई वैल्यूएशन को दर्शाता है।
एनालिस्ट्स की राय: ग्रोथ की उम्मीदें बनाम वैल्यूएशन की चिंताएं
DMart की भविष्य की सफलता उसकी विस्तार योजनाओं के एग्जीक्यूशन और कड़ी प्रतिस्पर्धा के प्रबंधन पर निर्भर करेगी। जहाँ Motilal Oswal जैसे कई एनालिस्ट्स पॉजिटिव हैं और लॉन्ग-टर्म ग्रोथ की संभावना देख रहे हैं, वहीं कुछ अन्य लोग सतर्कता बरत रहे हैं। वे स्टॉक के हाई वैल्यूएशन और इस जोखिम की ओर इशारा करते हैं कि प्रतिस्पर्धा मार्केट शेयर और मुनाफे को नुकसान पहुंचा सकती है। निवेशक इस बात पर बारीकी से नजर रखेंगे कि DMart मौजूदा स्टोर्स पर सेल्स ग्रोथ को कैसे बनाए रखता है और लागतों को कैसे नियंत्रित करता है ताकि मौजूदा शेयर की कीमत को सही ठहराया जा सके। छोटे शहरों में उसकी रणनीति कितनी कारगर साबित होती है, यह उसके भविष्य के प्रदर्शन के लिए अहम होगा।
