रियल्टी दिग्गज DLF ने दूसरी तिमाही में **₹3,800 करोड़** की शानदार प्री-सेल्स दर्ज की है। सालाना आधार पर **12%** की गिरावट के बावजूद, कंपनी ने ब्रोकरेज के अनुमानों को पीछे छोड़ दिया है। गुरुग्राम में लग्जरी प्रोजेक्ट्स की भारी मांग ने इस परफॉर्मेंस को रफ्तार दी है।
वित्त वर्ष 2027 की दूसरी तिमाही में DLF ने ₹3,800 करोड़ की प्री-सेल्स हासिल की है। हालांकि यह आंकड़ा पिछले साल की इसी अवधि के मुकाबले 12% कम है, लेकिन ब्रोकरेज हाउस ने जिस ₹2,600 करोड़ के सेल्स का अनुमान लगाया था, कंपनी ने उसे काफी पीछे छोड़ दिया है। यह इस बात का सबूत है कि कंपनी के नए प्रोजेक्ट्स को खरीदारों का उम्मीद से बेहतर रिस्पॉन्स मिला है।
लग्जरी प्रोजेक्ट्स का जलवा
इस शानदार प्रदर्शन के पीछे कंपनी के दो मुख्य प्रीमियम प्रोजेक्ट्स का हाथ है। गुरुग्राम में 'The Aureva' पूरी तरह से बिक गया है, जिसने कुल सेल्स में ₹1,900 करोड़ का योगदान दिया, जबकि 'The Dahlias' ने ₹1,800 करोड़ की बिक्री की। यह बताता है कि प्रीमियम रेजिडेंशियल स्पेस में डिमांड अभी भी काफी मजबूत बनी हुई है।
भविष्य की योजना और पाइपलाइन
कंपनी मध्यम अवधि में ₹58,200 करोड़ के नए प्रोजेक्ट्स लॉन्च करने की तैयारी कर रही है। इसमें मुंबई का 'Westpark P-2' और गुरुग्राम में 'Magnolias P-2' का विस्तार शामिल है। इसके अलावा, कंपनी के पास ₹15,000 करोड़ की अनसोल्ड इन्वेंट्री भी मौजूद है, जो आने वाली तिमाहियों में बिक्री को सहारा देने का काम करेगी।
निवेशकों के लिए जोखिम (Risks)
मजबूत आंकड़ों के बावजूद निवेशकों को रियल एस्टेट सेक्टर से जुड़े रिस्क को भी नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। ब्याज दरों में बदलाव, रेगुलेटरी नियम और निर्माण लागत का बढ़ना मार्जिन पर असर डाल सकता है। साथ ही, लग्जरी सेगमेंट पर अधिक निर्भरता का मतलब है कि अमीर खरीदारों के खर्च करने के पैटर्न में बदलाव का सीधा असर कंपनी पर पड़ेगा। अब बाजार की नजर कंपनी के एग्जीक्यूशन और अनुशासन पर होगी।
