DCB Bank ने उम्मीद से बेहतर नतीजे पेश किए हैं। बैंक का प्रॉफिट साल-दर-साल आधार पर **29%** बढ़कर **₹2.36 अरब** पर पहुंच गया है, जिसके बाद Motilal Oswal ने स्टॉक पर अपना पॉजिटिव रुख बरकरार रखा है।
मुनाफे में शानदार तेजी
DCB Bank ने अपने हालिया नतीजों में दमदार प्रदर्शन किया है। बैंक का नेट प्रॉफिट 29% बढ़कर ₹2.36 अरब रहा, जो बाजार के अनुमानों से करीब 7% ज्यादा है। बैंक की कोर ब्याज आय भी साल-दर-साल 17% बढ़कर ₹7.0 अरब पर पहुंच गई है।
मार्जिन पर दबाव का क्या है कारण?
मजबूत मुनाफे के बावजूद, बैंक का नेट इंटरेस्ट मार्जिन (NIM) 10 बेसिस पॉइंट्स गिरकर 3.25% पर आ गया है। मैनेजमेंट के अनुसार, इसकी मुख्य वजह FCNR(B) डिपॉजिट्स को जुटाने की लागत है। बैंकिंग सेक्टर में डिपॉजिट्स के लिए बढ़ती प्रतिस्पर्धा के चलते यह चुनौती केवल DCB Bank तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरी इंडस्ट्री इसका सामना कर रही है।
नॉन-इंटरेस्ट इनकम से मिला सहारा
मार्जिन में आई कमी की भरपाई बैंक ने अपनी नॉन-इंटरेस्ट इनकम से की है, जिसमें 34% की बढ़त देखी गई और यह ₹2.5 अरब पर रही। इसमें फीस इनकम और ट्रेजरी ऑपरेशंस का बड़ा योगदान रहा। इन सबके चलते बैंक का ऑपरेटिंग प्रॉफिट भी 26% बढ़कर ₹3.8 अरब पर पहुंच गया है।
ब्रोकरेज की क्या है राय?
Motilal Oswal Financial Services ने बैंक के नतीजों के बाद भरोसा जताया है। ब्रोकरेज ने शेयर पर ₹245 का टारगेट प्राइस तय किया है। उनका मानना है कि बैंक जिस तरह से फीस इनकम को मैनेज कर रहा है, वह डिपॉजिट्स से जुड़ी चुनौतियों से निपटने में मददगार साबित होगा। कंपनी का अनुमान है कि 2027 फाइनेंशियल ईयर तक बैंक का रिटर्न ऑन एसेट्स 1.02% और रिटर्न ऑन इक्विटी 14.8% रह सकता है।
निवेशकों के लिए अब यह देखना अहम होगा कि बैंक बढ़ती ब्याज दरों के माहौल में अपनी फंड कॉस्ट को कैसे कंट्रोल करता है और आने वाली तिमाहियों में मार्जिन को सुरक्षित रखने में कितनी कामयाबी हासिल करता है।
