Crompton Greaves: ₹315 का टारगेट बरकरार, कंपनी का रेवेन्यू डबल करने का लक्ष्य

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AuthorSaanvi Reddy|Published at:
Crompton Greaves: ₹315 का टारगेट बरकरार, कंपनी का रेवेन्यू डबल करने का लक्ष्य

ICICI सिक्योरिटीज ने Crompton Greaves के लिए अपना ₹315 का टारगेट प्राइस बरकरार रखा है। कंपनी का लक्ष्य FY31 तक अपना रेवेन्यू दोगुना करना है। मैनेजमेंट ने लेटेस्ट इन्वेस्टर अपडेट में **13-14%** CAGR का लक्ष्य बताया है, जिसे कंपनी की मजबूत कैश पोजीशन का भी सहारा है। हालांकि, कंपनी कमोडिटी की बढ़ती कीमतों और कंज्यूमर ड्यूरेबल मार्केट में कड़ी प्रतिस्पर्धा जैसी चुनौतियों से भी निपट रही है।

Crompton Greaves की ग्रोथ स्ट्रैटेजी

Crompton Greaves कंज्यूमर इलेक्ट्रिकल्स अपनी लॉन्ग-टर्म ग्रोथ स्ट्रैटेजी पर आगे बढ़ रही है। 20 अगस्त 2026 को हुए हालिया इन्वेस्टर डे के बाद से फाइनेंशियल एनालिस्ट्स का ध्यान इस पर है। ICICI सिक्योरिटीज ने स्टॉक पर अपना पॉजिटिव रुख बनाए रखा है और टारगेट प्राइस ₹315 पर स्थिर रखा है। यह आउटलुक कंपनी के ट्रांसफॉर्मेशन प्लान पर आधारित है, जिसका लक्ष्य फाइनेंशियल ईयर 2031 तक रेवेन्यू को दोगुना करना है।

नए बिजनेस सेगमेंट्स और निवेश

कंपनी ने FY29 तक 13-14% की कंपाउंड एनुअल ग्रोथ रेट (CAGR) हासिल करने का लक्ष्य रखा है। इस प्लान का एक बड़ा हिस्सा नए बिजनेस सेगमेंट्स, जैसे सोलर एनर्जी और स्पेशलाइज्ड वायर्स को बढ़ाना है, जिनसे कुल बिक्री का लगभग 20% योगदान आने की उम्मीद है। इस दिशा में, कंपनी अपने मैन्युफैक्चरिंग फुटप्रिंट का विस्तार कर रही है, जिसमें पंखों के लिए ₹350 करोड़ के निवेश से एक नया ग्रीनफील्ड प्रोजेक्ट भी शामिल है। इसके अलावा, सोलर रूफटॉप सेगमेंट के पास वर्तमान में ₹500 करोड़ का ऑर्डर बुक है।

नतीजों का लेखा-जोखा

हालिया तिमाही के फाइनेंशियल परफॉरमेंस की बात करें तो, Q1 FY27 में कंपनी ने ₹2,235 करोड़ का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू दर्ज किया, जो पिछले साल की समान अवधि की तुलना में 11.8% अधिक है। नेट प्रॉफिट भी 15.2% बढ़कर ₹142.7 करोड़ हो गया। कंपनी की एक प्रमुख ताकत उसका बैलेंस शीट है, जिसमें लगभग ₹1,155 करोड़ की नेट कैश पोजीशन बनी हुई है। यह कंपनी को अपने विस्तार प्लान को इंटरनली फंड करने के लिए जरूरी पूंजी प्रदान करता है।

सामने हैं चुनौतियां

लॉन्ग-टर्म पॉजिटिविटी के बावजूद, ग्रोथ टारगेट्स को हासिल करने की राह में कुछ वास्तविक बाधाएं हैं। ऑपरेटिंग मार्जिन, जिसे मैनेजमेंट FY31 तक 12% से ऊपर ले जाने का लक्ष्य रखता है, वर्तमान में तांबे और एल्यूमीनियम जैसी कमोडिटीज की बढ़ती लागत के कारण दबाव में है। इसके अलावा, कंज्यूमर ड्यूरेबल मार्केट में प्रतिस्पर्धा काफी अधिक है, जिससे मार्जिन पर दबाव पड़ सकता है और प्राइसिंग पावर सीमित हो सकती है। सप्लाई चेन में व्यवधानों ने भी अतीत में परफॉरमेंस को प्रभावित किया है, जिससे कुछ तिमाहियों में बिक्री का नुकसान हुआ है।

मार्केट की राय

स्टॉक पर मार्केट का नजरिया मिला-जुला है। जहां ICICI सिक्योरिटीज और मोतीलाल ओसवाल जैसे ब्रोकरेज ₹340 के आसपास टारगेट के साथ पॉजिटिव रेटिंग बनाए हुए हैं, वहीं JPMorgan जैसी अन्य फर्मों का अप्रोच अधिक सतर्क है, जिन्होंने अपना टारगेट ₹290 रखा है। यह अंतर इस बात को दर्शाता है कि निवेशक कंपनी की नई बिजनेस योजनाओं के एग्जीक्यूशन और इनपुट कॉस्ट मैनेजमेंट को बारीकी से देख रहे हैं।

आगे क्या देखना होगा?

भविष्य में, निवेशकों के लिए सबसे महत्वपूर्ण फैक्टर यह देखना होगा कि कंपनी अस्थिर कच्चे माल की कीमतों के बावजूद अपने प्रॉफिट मार्जिन को स्थिर करने में कितनी सक्षम है। नई मैन्युफैक्चरिंग सुविधाओं का एग्जीक्यूशन और नए बिजनेस सेगमेंट्स से वास्तविक रेवेन्यू का योगदान, यह बताने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे कि क्या कंपनी अपने FY31 ग्रोथ माइलस्टोन्स को पूरा कर रही है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.