Motilal Oswal Financial Services की रिपोर्ट के मुताबिक, कॉर्पोरेट इंडिया Q2 FY27 में **22%** की शानदार ग्रोथ के साथ 11-क्वार्टर के पीक पर पहुंचने के लिए तैयार है। हालांकि, ग्लोबल अनिश्चितता और FII की बिकवाली ने निवेशकों की चिंता बढ़ाई है।
भारतीय कंपनियों का प्रदर्शन बीते तीन वर्षों में सबसे मजबूत स्तर पर है। Motilal Oswal Financial Services के डेटा के अनुसार, 399 कंपनियों का एग्रीगेट मुनाफा सालाना आधार पर 22% बढ़ने की उम्मीद है। यह पिछले 11 तिमाहियों का सबसे बेहतरीन आंकड़ा है, जो साबित करता है कि कठिन ग्लोबल इकोनॉमिक हालातों के बावजूद कंपनियां प्रॉफिट बनाए रखने में सफल रही हैं।
Nifty 50 का दबदबा
Nifty 50 कंपनियों की स्थिति और भी मजबूत दिख रही है, जहां अर्निंग्स ग्रोथ 27% रहने का अनुमान है। अगर यह ट्रेंड बना रहता है, तो यह इंडेक्स के लिए पिछले 17 क्वार्टर्स की सबसे बड़ी उपलब्धि होगी। इस रिकवरी में फाइनेंशियल सर्विसेज, मेटल, टेलीकॉम और ऑयल एंड गैस सेक्टर का योगदान सबसे अहम है।
वैल्यूएशन और बाजार का मूड
बाजार में जारी भारी उतार-चढ़ाव के बीच, स्टॉक्स के वैल्यूएशन में भी बड़ा बदलाव आया है। वर्तमान में Nifty 50 अपने लॉन्ग-टर्म एवरेज प्राइस-टू-अर्निंग्स मल्टीपल से 18% नीचे ट्रेड कर रहा है। इमर्जिंग मार्केट्स के मुकाबले भारतीय स्टॉक्स का जो प्रीमियम पहले 72% हुआ करता था, वह अब घटकर करीब 35% रह गया है।
क्या हैं रिस्क फैक्टर्स?
भले ही अर्निंग्स का आउटलुक पॉजिटिव है, लेकिन निवेशकों को सावधान रहने की जरूरत है। क्रूड ऑयल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और ग्लोबल जियोपॉलिटिकल तनाव मार्जिन पर दबाव डाल सकते हैं। इसके अलावा, FII की निरंतर बिकवाली के सामने DII का सपोर्ट फिलहाल बाजार को सहारा दे रहा है, लेकिन ग्लोबल लिक्विडिटी पर नजर रखना बहुत जरूरी होगा।
