Colgate-Palmolive India ने वित्त वर्ष 2027 की दूसरी तिमाही में शानदार प्रदर्शन करते हुए **₹17.1 अरब** का रेवेन्यू दर्ज किया है। कंपनी ने **8%** वॉल्यूम ग्रोथ हासिल की है, हालांकि आक्रामक मार्केटिंग के चलते ऑपरेटिंग मार्जिन में गिरावट देखी गई है।
सेल्स और वॉल्यूम की रफ्तार
कंपनी ने लगातार दूसरी तिमाही में डबल-डिजिट रेवेन्यू ग्रोथ हासिल की है, जो मार्केट के लिए एक सकारात्मक संकेत है। कंपनी के वॉल्यूम में लगभग 8% की बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जो यह दर्शाता है कि शहरी और ग्रामीण दोनों ही बाजारों में कंपनी के प्रोडक्ट्स की मांग में मजबूती बनी हुई है।
क्यों घटे ऑपरेटिंग मार्जिन?
रेवेन्यू में दम दिखाने के बावजूद कंपनी के ऑपरेटिंग मार्जिन यानी EBITDA मार्जिन 27.8% पर आ गए हैं, जिसमें सालाना आधार पर 290 बेसिस पॉइंट्स की कमी आई है। इस गिरावट का मुख्य कारण एडवरटाइजिंग खर्च में 40% की भारी बढ़ोतरी है। कंपनी ने शॉर्ट-टर्म मुनाफे के बजाय लॉन्ग-टर्म ब्रांड वैल्यू और प्रीमियम प्रोडक्ट्स की मार्केटिंग पर दांव लगाया है। राहत की बात यह है कि ग्रॉस मार्जिन 40 बेसिस पॉइंट्स बढ़कर 69.9% पर पहुंच गए हैं, जो बेहतर कॉस्ट मैनेजमेंट को दर्शाता है।
क्या है ब्रोकरेज की राय?
नए CEO मनीष आनंदानी के नेतृत्व में मार्केट अब इस बात पर नजर रखे हुए है कि कंपनी खर्च और मुनाफे के बीच संतुलन कैसे बनाती है। प्रमुख ब्रोकरेज हाउस Motilal Oswal ने इस स्टॉक पर भरोसा जताते हुए ₹2,000 का टारगेट प्राइस तय किया है। निवेशकों के लिए अगले कुछ क्वार्टर यह देखना अहम होगा कि क्या बढ़ा हुआ विज्ञापन खर्च मार्केट शेयर में बड़ी हिस्सेदारी दिला पाता है या नहीं।
