ब्रोकरेज फर्म Prabhudas Lilladher ने Coforge पर अपनी 'Buy' रेटिंग बरकरार रखी है और शेयर के लिए **₹2,120** का टारगेट प्राइस सेट किया है। कंपनी अब 'Enterprise Autonomy' पर दांव लगा रही है, जिससे AI के जरिए जटिल बिजनेस वर्कफ्लो को ऑटोमेट किया जा सके।
ब्रोकरेज फर्म Prabhudas Lilladher ने IT सर्विस कंपनी Coforge के भविष्य पर भरोसा जताते हुए इसे ₹2,120 का टारगेट दिया है। कंपनी की ग्रोथ की पूरी कहानी अब 'Enterprise Autonomy' के इर्द-गिर्द घूम रही है। इसका सीधा मतलब यह है कि कंपनी अब साधारण AI टूल्स से आगे बढ़कर ऐसे सिस्टम बना रही है, जो इंसानी दखल के बिना पूरे बिजनेस प्रोसेस को खुद संभाल सकें।
कैसे काम करेगी कंपनी की नई तकनीक?
Coforge इसके लिए अपने इंटरनल फ्रेमवर्क Nuuron और AgenticOps का इस्तेमाल कर रही है। साथ ही, कंपनी अपनी यूनिट Momentuum Blue को तेजी से बड़ा कर रही है। कंपनी ने फाइनेंशियल ईयर 2026 में AI इनोवेशन के लिए US$5.8 करोड़ (लगभग ₹58 मिलियन) का बड़ा निवेश किया है, जिससे 100 से ज्यादा 'एजेंट आर्केटाइप्स' (AI कंपोनेंट्स) तैयार किए गए हैं जिन्हें ग्राहकों की जरूरत के हिसाब से तुरंत तैनात किया जा सकता है।
क्या हैं चुनौतियां?
हालांकि कंपनी का विजन बड़ा है, लेकिन जमीनी हकीकत थोड़ी चुनौतीपूर्ण है। ब्रोकरेज रिपोर्ट के मुताबिक, Coforge के करीब दो-तिहाई क्लाइंट्स अभी बेसिक AI का ही इस्तेमाल कर रहे हैं, जबकि केवल 5% क्लाइंट्स ही इतने एडवांस हैं कि वे इन कॉम्प्लेक्स ऑटोनॉमस सिस्टम्स को अपना सकें। अगर क्लाइंट्स इसे अपनाने में देरी करते हैं, तो कंपनी के भारी खर्च से मार्जिन पर दबाव दिख सकता है।
आगे का रोडमैप
कंपनी ने मार्च 2028 तक अपनी 'Momentuum Blue' टीम की संख्या को 75 से बढ़ाकर 150 करने का लक्ष्य रखा है। इसके लिए कंपनी को ट्रेनिंग और हायरिंग पर काफी पैसा खर्च करना होगा। निवेशकों को इस बात पर नजर रखनी होगी कि क्या कंपनी अपनी इन महंगी सेवाओं को ग्राहकों की असली जरूरतों के साथ सही तरीके से जोड़ पाती है या नहीं।
