Cochin Shipyard के शेयरों में आज बड़ी बिकवाली देखी गई है। कंपनी द्वारा फाइनेंशियल ईयर 2027 के लिए कम EBITDA मार्जिन का अनुमान जताए जाने के बाद निवेशकों ने शेयर से दूरी बना ली है।
मुनाफे पर दबाव की क्या है वजह?
Cochin Shipyard के मैनेजमेंट ने फाइनेंशियल ईयर 2027 के लिए EBITDA मार्जिन का गाइडेंस लगभग 14% रहने का अनुमान दिया है। यह आंकड़ा पिछले फाइनेंशियल ईयर के 16% और जून 2026 तिमाही के 17% से काफी कम है। कंपनी ने साफ किया है कि अब उनका ध्यान अधिक शिपबिल्डिंग कॉन्ट्रैक्ट्स पर है, जिनमें मार्जिन 10% से 12% के बीच रहता है, जबकि शिप रिपेयर बिजनेस में मार्जिन 22% से 24% तक मिलता है। काम के मिक्स में आए इस बदलाव ने ओवरऑल मार्जिन पर दबाव डाल दिया है।
ऑर्डर बुक और ग्रोथ की स्थिति
नकारात्मक सेंटीमेंट्स के बीच कंपनी के पास ₹22,000 करोड़ की मजबूत अनएक्जीक्यूटेड ऑर्डर बुक मौजूद है। मैनेजमेंट को उम्मीद है कि अगले फाइनेंशियल ईयर में रेवेन्यू 12% से 15% तक बढ़ेगा। अब देखना यह है कि क्या यह रेवेन्यू ग्रोथ मार्जिन में होने वाली कटौती की भरपाई कर पाएगी या नहीं।
रेगुलेटरी मुसीबतें
सिर्फ मार्जिन ही नहीं, कंपनी पर रेगुलेटरी संकट भी मंडरा रहा है। बोर्ड में इंडिपेंडेंट डायरेक्टर्स की नियुक्ति से जुड़े SEBI के नियमों का पालन न करने पर BSE और NSE ने कंपनी पर ₹9.66 लाख का जुर्माना लगाया है। कॉरपोरेट गवर्नेंस में इस चूक ने निवेशकों के भरोसे को थोड़ा डगमगाया है। फिलहाल, निवेशकों की नजरें कंपनी के ऑर्डर एक्जीक्यूशन की रफ्तार और मार्जिन को स्थिर रखने की क्षमता पर टिकी हुई हैं।
