Coal India ने Q2 में **₹6,547 करोड़** का शानदार प्रॉफिट दर्ज किया है, लेकिन बढ़ते खर्चों के कारण शेयर **3%** लुढ़क गया। निवेशक अब मजबूत वॉल्यूम और डिविडेंड के बीच मार्जिन के दबाव को लेकर चिंतित हैं।
शुक्रवार के कारोबार में Coal India के शेयरों में दबाव देखा गया और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज पर यह 3% से ज्यादा गिरकर ₹380.40 के स्तर पर पहुंच गया। यह गिरावट कंपनी के Q2 FY27 नतीजों के बाद आई है। कंपनी का नेट प्रॉफिट साल-दर-साल 57% बढ़कर ₹6,547 करोड़ रहा, जो पिछले साल इसी अवधि में ₹4,167 करोड़ था। कंपनी की कुल इनकम भी 21% बढ़कर ₹46,833 करोड़ रही। आंकड़ों की चमक के बावजूद निवेशकों की चिंता मार्जिन को लेकर है।
बढ़ते ऑपरेशनल खर्च
कंपनी के रेवेन्यू में तो बढ़ोतरी हो रही है, लेकिन बढ़ते इनपुट खर्च मुनाफे पर भारी पड़ रहे हैं। वेस्ट एशिया में चल रहे तनाव के चलते डीजल और विस्फोटकों की लागत बढ़ गई है। इसके अलावा, जुलाई 2026 से लागू हुए नए वेतन समझौते के कारण नॉन-एग्जीक्यूटिव स्टाफ पर कंपनी का खर्च बढ़ गया है। इन खर्चों का सीधा असर ऑपरेटिंग मार्जिन पर दिख रहा है।
प्रोडक्शन और वॉल्यूम की स्थिति
ऑपरेशनल मोर्चे पर कंपनी ने बेहतर प्रदर्शन किया है। कोयला उत्पादन 4% बढ़कर 151 मिलियन टन रहा, जबकि कोल ऑफटेक (सप्लाई) 12% बढ़कर 186 मिलियन टन पहुंच गया। प्रति टन रियलाइजेशन भी 7% बढ़कर ₹2,346 रहा। यह स्पष्ट है कि कंपनी का काम तो बढ़ रहा है, लेकिन उसे निकालने की लागत भी साथ-साथ ऊपर जा रही है।
आगे की राह और डिविडेंड
Coal India को हमेशा से उसके डिविडेंड यील्ड के लिए पसंद किया जाता है, जो फिलहाल करीब 6% है। यही वजह है कि Elara Capital और Nuvama Institutional Equities जैसे ब्रोकरेज हाउस ने इस पर 'Buy' रेटिंग बरकरार रखी है। जानकारों का मानना है कि अगस्त 2026 से ई-ऑक्शन की कीमतों में आई तेजी का फायदा कंपनी को वित्त वर्ष की दूसरी छमाही में मिल सकता है। निवेशकों के लिए अब देखने वाली बात यह होगी कि क्या कंपनी बढ़ती लागतों को संभालते हुए प्रोडक्शन टारगेट को बरकरार रख पाती है।
