Clean Science and Technology ने वित्त वर्ष 2027 की दूसरी तिमाही में शानदार प्रदर्शन करते हुए **₹299 करोड़** का रेवेन्यू दर्ज किया है। हालाँकि, कच्चे माल की बढ़ती कीमतों और अंतरराष्ट्रीय प्रतिस्पर्धा के कारण कंपनी के मार्जिन पर दबाव देखने को मिला है।
मुनाफे और मार्जिन का गणित
कंपनी की टॉप-लाइन यानी रेवेन्यू में 22% की जोरदार बढ़ोतरी हुई है, जो मुख्य रूप से HALS (Hindered Amine Light Stabilizers) सेगमेंट की मजबूत मांग के कारण संभव हुआ है। हालांकि, बॉटम-लाइन यानी नेट प्रॉफिट (PAT) पर इसका खास असर नहीं दिखा, जो ₹56 करोड़ पर स्थिर रहा। सबसे बड़ी चिंता का विषय कंपनी का EBITDA मार्जिन है, जो पिछले साल के 36.4% से घटकर इस तिमाही में 31.2% पर आ गया है।
इस गिरावट की मुख्य वजह फिनोल और एसीटोन जैसे कच्चे माल की कीमतों में आई तेजी है। इसके अलावा, वैश्विक स्तर पर, विशेष रूप से चीन से मिल रही आक्रामक प्रतिस्पर्धा के चलते कंपनी अपनी बढ़ती लागत का बोझ ग्राहकों पर डालने में सक्षम नहीं हो पा रही है।
भविष्य की योजनाएं (Future Outlook)
कंपनी अब अपने HALS बिजनेस को स्केल करने पर जोर दे रही है। फिलहाल इस सेगमेंट में कैपेसिटी यूटिलाइजेशन करीब 40% है, जिसे कंपनी आने वाली तिमाहियों में 55% से 60% तक ले जाने का लक्ष्य लेकर चल रही है। इसके अलावा, Clean Fino Chem ने Geneus Chem AG के साथ मिलकर एडवांस ग्रेड HALS के ट्रायल पूरे कर लिए हैं और चालू फाइनेंशियल ईयर की दूसरी छमाही से कमर्शियल शिपमेंट शुरू होने की उम्मीद है।
निवेशकों के लिए नजर रखने वाली बात यह है कि कैसे कंपनी अपने Performance Chemicals II प्लांट को Q4 FY27 तक चालू करती है। आने वाले समय में मार्जिन में सुधार कंपनी की कैपेसिटी यूटिलाइजेशन और इनपुट कॉस्ट को कंट्रोल करने की क्षमता पर निर्भर करेगा।
