City Union Bank और SBI पर आई 'Buy' रेटिंग, बाज़ार गिरा तो भी इन बैंक्स में दिखी मजबूती

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AuthorMehul Desai|Published at:
City Union Bank और SBI पर आई 'Buy' रेटिंग, बाज़ार गिरा तो भी इन बैंक्स में दिखी मजबूती

मंगलवार को भारतीय शेयर बाज़ारों में गिरावट देखने को मिली, लेकिन इस बीच City Union Bank और State Bank of India (SBI) जैसी बैंकिंग कंपनियों ने निवेशकों का ध्यान खींचा है। MarketSmith India ने इन दोनों बैंकों के मजबूत बिजनेस मॉडल की ओर इशारा करते हुए 'Buy' रेटिंग दी है, भले ही ग्लोबल बाजारों से मिले मिले-जुले संकेत और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों ने निवेशकों को थोड़ा सतर्क कर दिया हो।

Detailed Coverage

बाज़ार में गिरावट, पर बैंकिंग शेयरों में दम

मंगलवार, 21 जुलाई 2026 को भारतीय शेयर बाज़ार गिरावट के साथ बंद हुए। भू-राजनीतिक तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में उछाल ने बाज़ार का सेंटिमेंट बिगाड़ा। BSE Sensex 238 अंकों की गिरावट के साथ 77,470.11 पर बंद हुआ, जबकि Nifty 50 में 51 अंकों की कमी देखी गई और यह 24,187.70 पर बंद हुआ। हालांकि, फ्रंटलाइन इंडेक्स के विपरीत, मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों ने थोड़ी मजबूती दिखाई। Nifty Midcap 100 में 0.30% और Smallcap 100 इंडेक्स में 0.53% की बढ़त दर्ज की गई।

City Union Bank और SBI पर 'Buy' रेटिंग

इस माहौल में, MarketSmith India ने City Union Bank और State Bank of India (SBI) के लिए सकारात्मक तकनीकी आउटलुक जारी किया है।

City Union Bank: यह बैंक, जो हाल ही में करीब ₹230 के स्तर पर कारोबार कर रहा था, अपने रिटेल और SME ग्राहकों पर केंद्रित स्थिर बिजनेस मॉडल के लिए जाना जाता है। बैंक के पास करंट अकाउंट और सेविंग्स अकाउंट (CASA) डिपॉजिट्स का एक मजबूत आधार है, जो फंड जुटाने का एक सस्ता ज़रिया है। हालांकि, निवेशकों को इस बात पर नज़र रखनी चाहिए कि बैंक का फोकस ज़्यादातर दक्षिण भारत पर है, और अगर इस क्षेत्र की आर्थिक स्थिति में कोई उतार-चढ़ाव आता है, तो यह प्रदर्शन को प्रभावित कर सकता है।

State Bank of India (SBI): देश के सबसे बड़े कमर्शियल बैंक के तौर पर, SBI अपने डाइवर्सिफाइड लोन पोर्टफोलियो के कारण लगातार निवेशकों की नज़रों में बना हुआ है। रिटेल और कॉर्पोरेट दोनों सेगमेंट में बैंक की अच्छी खासी हिस्सेदारी है। हाल के समय में बैंक की एसेट क्वालिटी में सुधार देखा गया है, जिसे उसके बड़े डिजिटल बैंकिंग फुटप्रिंट का भी सहारा मिला है। लेकिन, अपने विशाल आकार के कारण, यह बैंक ब्याज दरों में बड़े बदलावों और कॉर्पोरेट क्रेडिट साइकिल के उतार-चढ़ाव के प्रति संवेदनशील रहता है। ब्रोकरेज की सकारात्मक राय तकनीकी चार्ट पर हाल ही में देखे गए ट्रेंडलाइन ब्रेकआउट्स पर आधारित है।

आगे क्या?

Nifty 50 इंडेक्स फिलहाल 24,100 और 24,400 के बीच कंसोलिडेशन ज़ोन में है। 21-दिन के मूविंग एवरेज से ऊपर बने रहना, हाल की गिरावट के बावजूद, शॉर्ट-टर्म स्थिरता के संकेत दे रहा है। RSI 54 पर है, जो मॉडरेट मोमेंटम दर्शाता है। Nifty Bank इंडेक्स भी मामूली दबाव में रहा और 0.19% की गिरावट के साथ 57,835.35 पर बंद हुआ। बैंकिंग सेक्टर के लिए, बाज़ार में आगे की तेजी की पुष्टि के लिए 58,230 के इमीडिएट रेजिस्टेंस को पार करना महत्वपूर्ण होगा, जबकि 57,380 के सपोर्ट लेवल पर भी नज़र रखनी होगी।

जैसे-जैसे अर्निंग्स सीजन आगे बढ़ेगा, निवेशक इस बात पर नज़र रखेंगे कि तेल की कीमतों की अस्थिरता और ग्लोबल आर्थिक डेवलपमेंट के बीच बैंकिंग मार्जिन कैसा प्रदर्शन करते हैं। स्टॉक के अंतिम प्रदर्शन पर आने वाले तिमाही नतीजों का असर दिखेगा, और यह भी देखना होगा कि क्या बैंक सेक्टर-व्यापी ब्याज दर के दबाव के बीच अपनी एसेट क्वालिटी और लोन ग्रोथ बनाए रख पाते हैं।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.