City Union Bank ने अपनी हालिया तिमाही में शानदार प्रदर्शन किया है। बैंक का नेट इंटरेस्ट इनकम (NII) और फीस में बढ़त के चलते मुनाफा बाजार के अनुमानों से बेहतर रहा है। बैंक ने एसेट सेल के जरिए खर्चों को नियंत्रित किया है और बैड लोन के लिए बफर प्रोविजनिंग को भी घटा दिया है।
मुनाफे का दमदार सफर
City Union Bank ने ऑपरेशंस में जबरदस्त मजबूती दिखाई है। बैंक का कोर प्रॉफिट आफ्टर टैक्स मार्केट के अनुमानों से 3.7% बेहतर रहा है। इस ग्रोथ को मुख्य रूप से मजबूत नेट इंटरेस्ट इनकम और फीस से होने वाली कमाई ने सपोर्ट किया है। बैंक ने अपने बढ़ते ऑपरेटिंग खर्चों को मैनेज करने के लिए एक एसेट रिकंस्ट्रक्शन कंपनी को एसेट्स बेचे, जिससे उन्हें ₹1.07 अरब की लिक्विडिटी मिली। इस राशि का इस्तेमाल बैंक ने भविष्य की अनिश्चितताओं के लिए ₹0.5 अरब का कंटिंजेंट बफर बनाने में किया है।
बैड लोन पर राहत
बैंक के लिए सबसे अच्छी खबर बैड लोन आउटलुक में सुधार है। लोन पोर्टफोलियो की क्वालिटी बेहतर होने के कारण, बैंक ने बैड लोन के लिए प्रोविजन गाइडेंस को 60-65 बेसिस पॉइंट्स से घटाकर 40-45 बेसिस पॉइंट्स कर दिया है। यह मैनेजमेंट के भरोसे को साफ दर्शाता है।
भविष्य की रणनीति (Growth Outlook)
मैनेजमेंट ने लक्ष्य रखा है कि बैंक की लोन ग्रोथ इंडस्ट्री से 2% से 3% ज्यादा रहेगी। एनालिस्ट्स का मानना है कि 2026-2028 के दौरान बैंक का लोन बुक 17% की कंपाउंड एनुअल ग्रोथ रेट (CAGR) से बढ़ सकता है। बैंक की रणनीति अब 31-32% गोल्ड लोन, 55-60% MSME लोन और 10% सिक्योर रिटेल प्रोडक्ट्स पर केंद्रित है।
हालांकि, MSME और गोल्ड लोन सेक्टर में ज्यादा फोकस होने की वजह से इकोनॉमिक साइकल्स का असर देखने को मिल सकता है। साथ ही, बड़े प्राइवेट लेंडर्स से मिल रही कड़ी प्रतिस्पर्धा भी बैंक के लिए एक चुनौती है। अब निवेशकों की नजर आने वाली तिमाहियों पर होगी कि बैंक अपने लोन बुक की क्वालिटी को कैसे बनाए रखता है।
