City Union Bank ने दूसरी तिमाही में **27%** की शानदार क्रेडिट ग्रोथ दर्ज की है। बैंक ने अपना नेट इंटरेस्ट मार्जिन (NIM) सुधारकर **3.88%** कर लिया है, साथ ही नए अकाउंटिंग नियमों के असर को मुनाफे से दूर रखने के लिए कैपिटल रिजर्व का इस्तेमाल किया है।
Emkay Global Financial की रिपोर्ट के अनुसार, बैंक का लोन बुक पिछले साल की तुलना में 27% बढ़ा है। फंड्स की स्थिर लागत और लोन यील्ड्स में निरंतरता के चलते नेट इंटरेस्ट मार्जिन पिछले तिमाही के 3.78% से बढ़कर 3.88% पर पहुंच गया है।
मुनाफे की मजबूती और अकाउंटिंग का गणित
बैंक का नेट प्रॉफिट साल-दर-साल 27% बढ़कर ₹420 करोड़ (₹4.2 बिलियन) रहा। रेगुलेटर्स द्वारा अनिवार्य नए Expected Credit Loss (ECL) फ्रेमवर्क के प्रभाव को संभालने के लिए बैंक ने ₹30 करोड़ (₹300 मिलियन) का प्रोविजन पहले ही कर लिया है। ₹300 करोड़ (₹3 बिलियन) के संभावित असर को बैंक सीधे प्रॉफिट और लॉस स्टेटमेंट पर न डालकर अपने कैपिटल रिजर्व से एडजस्ट करेगा, ताकि बैंक के रिपोर्टेड मुनाफे पर कोई नकारात्मक असर न पड़े।
आउटलुक और चुनौतियां
मैनेजमेंट ने फाइनेंशियल ईयर के बाकी हिस्से के लिए मार्जिन 3.85% से 3.95% के बीच रहने का अनुमान जताया है। बैंक अपने लोन को एक्सटर्नल बेंचमार्क से जोड़कर मार्जिन को स्थिर रखने की कोशिश कर रहा है। हालांकि, बैंकिंग सेक्टर में डिपॉजिट जुटाने के लिए बढ़ती प्रतिस्पर्धा एक बड़ी चुनौती है।
बैंक का मुख्य फोकस स्मॉल एंड मीडियम एंटरप्राइज (SME) सेक्टर पर बना हुआ है, जिससे लोन बुक आर्थिक स्थितियों के प्रति संवेदनशील भी रहती है। बैंक का लक्ष्य इंडस्ट्री की औसत दर से 200 से 300 बेसिस पॉइंट्स ज्यादा क्रेडिट ग्रोथ हासिल करना है। बैंक का रिटर्न ऑन एसेट्स 1.6% रहा, जिसके आने वाले वर्षों में 1.6% से 1.8% के बीच रहने का अनुमान है। निवेशकों की नजरें इस बात पर होनी चाहिए कि बैंक डिपॉजिट की होड़ में मार्जिन को कैसे बनाए रखता है।
