ई-कॉमर्स कंपनी Meesho पर ग्लोबल ब्रोकरेज फर्म Citigroup ने अपनी कवरेज शुरू कर दी है। फर्म ने 'Buy' रेटिंग के साथ शेयर का टारगेट प्राइस ₹210 रखा है। ब्रोकरेज फर्म का मानना है कि छोटे शहरों में कंपनी का विस्तार और मजबूत रेवेन्यू ग्रोथ इसके लिए बड़ा पॉजिटिव फैक्टर है। आपको बता दें कि Meesho एक प्राइवेट कंपनी है, इसलिए इसके शेयर NSE या BSE जैसे बड़े स्टॉक एक्सचेंज पर लिस्टेड नहीं हैं, बल्कि अनलिस्टेड मार्केट में उपलब्ध हैं।
क्या हुआ है?
दुनिया की जानी-मानी ब्रोकरेज फर्म Citigroup ने ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म Meesho पर अपनी कवरेज शुरू कर दी है। फर्म ने इसे 'Buy' रेटिंग दी है और शेयर का टारगेट प्राइस ₹210 तय किया है। यह टारगेट प्राइस अनलिस्टेड मार्केट में मौजूदा ट्रेडिंग स्तरों से लगभग 23% की संभावित तेजी का संकेत देता है। चूँकि Meesho फिलहाल एक प्राइवेट कंपनी है, इसलिए इसके शेयर NSE या BSE जैसे पब्लिक स्टॉक एक्सचेंजों पर ट्रेड नहीं होते, बल्कि ये अनलिस्टेड सिक्योरिटीज में ट्रेडिंग की सुविधा देने वाले प्लेटफॉर्म्स पर उपलब्ध हैं।
बिजनेस का आधार क्या है?
Citigroup का Meesho पर पॉजिटिव आउटलुक कंपनी की बड़े शहरों के बाहर यूजर बेस को बढ़ाने की क्षमता से प्रेरित है। ब्रोकरेज ने पाया कि कंपनी ने 26.4 करोड़ से अधिक सालाना ट्रांजैक्टिंग यूजर और लगभग 10 लाख सेलर्स के साथ एक बड़ा स्केल हासिल कर लिया है। कंपनी के निवेश के मुख्य कारणों में से एक इसका लो-कॉस्ट बिजनेस मॉडल है, जो इसे मूल्य-संवेदनशील क्षेत्रों में डिमांड कैप्चर करने में मदद करता है।
Citigroup के एनालिस्ट्स को उम्मीद है कि एडवरटाइजिंग रेवेन्यू कंपनी की भविष्य की प्रॉफिटेबिलिटी का मुख्य जरिया बनेगा। वे FY26 से FY29 के बीच नेट मोनेटाइज्ड वॉल्यूम (NMV)—ट्रांजैक्शन वैल्यू का एक पैमाना—में 27% की कंपाउंड एनुअल ग्रोथ रेट (CAGR) का अनुमान लगा रहे हैं। हालांकि कंपनी ग्रो कर रही है, ब्रोकरेज को उम्मीद है कि एवरेज ऑर्डर वैल्यू में थोड़ी गिरावट आ सकती है, जो अक्सर तब होता है जब प्लेटफॉर्म छोटे, अधिक वैल्यू-कॉन्शियस बाजारों में गहरी पैठ बनाते हैं।
वित्तीय प्रदर्शन
Meesho ने अपनी वित्तीय सेहत में सुधार के संकेत दिखाए हैं। FY26 के चौथे तिमाही के नतीजों में, कंपनी ने ₹166.34 करोड़ का कंसोलिडेटेड नेट लॉस दर्ज किया, जो पिछले साल की इसी तिमाही में दर्ज ₹1,391.38 करोड़ के लॉस से काफी कम है। ऑपरेशन से रेवेन्यू भी बढ़ा, जो तिमाही के दौरान 47.13% बढ़कर ₹3,531.21 करोड़ हो गया।
पूरे फाइनेंशियल ईयर 2025-26 के लिए, कंपनी का कंसोलिडेटेड नेट लॉस कम होकर ₹1,357.73 करोड़ हो गया, जो FY25 में ₹3,941.70 करोड़ था। इसी अवधि के लिए सालाना रेवेन्यू 34.4% बढ़कर ₹12,626.34 करोड़ तक पहुंच गया। ब्रोकरेज का अनुमान है कि एडजेस्टेड EBITDA मार्जिन FY29 तक 2.1% तक पहुंच सकता है, और FY30 तक 3.6% की ओर बढ़ सकता है।
ध्यान देने योग्य मुख्य जोखिम
जबकि आउटलुक पॉजिटिव है, निवेशकों को विशिष्ट व्यावसायिक जोखिमों के बारे में पता होना चाहिए। Citigroup ने इस बात पर जोर दिया कि कंपनी की इंटरनल लॉजिस्टिक्स यूनिट 'Valmo' का सफल स्केल-अप बिजनेस के लिए एक महत्वपूर्ण फैक्टर है। इस लॉजिस्टिक्स नेटवर्क के रैंप-अप में कोई भी समस्या संचालन को प्रभावित कर सकती है। इसके अलावा, कंपनी मुनाफे को बढ़ाने के लिए अपने एडवरटाइजिंग टेक्नोलॉजी पर बहुत अधिक निर्भर करती है। यदि इस एड-टेक प्लेटफॉर्म का प्रदर्शन उम्मीदों पर खरा नहीं उतरता है, तो यह समग्र मार्जिन पर दबाव डाल सकता है।
निवेशकों को क्या नजर रखनी चाहिए?
चूंकि यह एक अनलिस्टेड एंटिटी है, इसलिए Meesho में रुचि रखने वाले निवेशकों को कंपनी के लगातार प्रॉफिटेबिलिटी की राह पर ध्यान देना चाहिए। ध्यान रखने योग्य मुख्य क्षेत्रों में EBITDA मार्जिन में वास्तविक सुधार, सेलर्स द्वारा एडवरटाइजिंग टूल्स को अपनाना और Valmo लॉजिस्टिक्स नेटवर्क की एफिशिएंसी शामिल हैं। इसके अतिरिक्त, लो-कॉस्ट स्ट्रक्चर को बनाए रखते हुए बड़े ई-कॉमर्स प्रतिद्वंद्वियों के खिलाफ अपनी मार्केट शेयर बचाने की कंपनी की क्षमता लंबे समय की ग्रोथ के लिए एक महत्वपूर्ण मॉनिटरेबल बनी रहेगी।
