Cipla ने सितंबर तिमाही में अमेरिकी बाजार से **$172 मिलियन** का रेवेन्यू हासिल किया है, जो पिछली तिमाही के मुकाबले **6.2%** अधिक है। कंपनी ने EBITDA मार्जिन गाइडेंस तो बरकरार रखी है, लेकिन एनालिस्ट्स ने भविष्य की कमाई (EPS) के अनुमानों को कम कर दिया है।
अमेरिका में विस्तार की रणनीति
Cipla अपना पूरा जोर रेस्पिरेटरी और पेप्टाइड पोर्टफोलियो पर लगा रही है। कंपनी का लक्ष्य वित्त वर्ष 2027 की चौथी तिमाही तक अमेरिका में $250 मिलियन की तिमाही रन-रेट हासिल करना है। पिछले कुछ महीनों में कंपनी को gVentolin और gAdvair जैसे प्रोडक्ट्स के लिए रेगुलेटरी मंजूरी मिली है, जो कंपनी के लंबे समय के विजन को मजबूती दे रहे हैं। ये कॉम्प्लेक्स जेनेरिक दवाएं अब gRevlimid जैसे पुराने और हाई-बेस वाले प्रोडक्ट्स की जगह लेने के लिए तैयार हैं।
ब्रोकरेज और मार्जिन का गणित
कंपनी ने चालू वित्त वर्ष के लिए अपना EBITDA मार्जिन गाइडेंस 18.5% से 20% के दायरे में स्थिर रखा है। हालांकि, ICICI Securities ने सतर्क रुख अपनाते हुए वित्त वर्ष 2027 और 2028 के लिए EPS अनुमानों को क्रमशः 12% और 4% तक घटा दिया है। यह बदलाव मुख्य रूप से अमेरिका से मिलने वाले योगदान और अन्य इनकम के अपडेटेड प्रोजेक्शन्स के कारण किया गया है।
घरेलू बाजार और चुनौतियां
Cipla का घरेलू कारोबार फिलहाल 15% की दर से बढ़ रहा है। इसमें क्रॉनिक थैरेपी और GLP-1 प्रोडक्ट्स का योगदान अहम है। लेकिन निवेशकों को यह ध्यान रखना होगा कि अमेरिकी बाजार में बढ़ती प्रतिस्पर्धा और रेगुलेटरी सख्ती नई दवाओं की मंजूरी में देरी पैदा कर सकती है। साथ ही, पुराने हाई-मार्जिन प्रोडक्ट्स की घटती बिक्री भी साल-दर-साल (YoY) आधार पर तुलना को चुनौतीपूर्ण बना रही है। अब बाजार की नजर इस बात पर है कि कंपनी अपने $250 मिलियन के लक्ष्य को कितनी तेजी से पूरा करती है।
