Choice Institutional Equities ने Sun Pharma के शेयरों पर अपनी 'Buy' रेटिंग कायम रखी है और ₹2,300 का टारगेट प्राइस दिया है। हालांकि, कानूनी और अधिग्रहण संबंधी खर्चों के चलते कंपनी के नेट प्रॉफिट में गिरावट निवेशकों के लिए चिंता का विषय बनी हुई है।
मुनाफे में बड़ी गिरावट की असल वजह
Sun Pharma ने Q2 FY27 के नतीजे पेश किए हैं, जहां कंपनी का रेवेन्यू 11.9% बढ़कर ₹16,198.7 करोड़ रहा। हालांकि, कंपनी का नेट प्रॉफिट 36% गिरकर ₹1,989 करोड़ पर आ गया है। इस गिरावट के पीछे मुख्य वजह ₹1,269 करोड़ के वन-टाइम एक्सेप्शनल खर्चे रहे, जिसमें एंटी-ट्रस्ट कानूनी सेटलमेंट और Organon अधिग्रहण से जुड़े खर्च शामिल हैं।
अमेरिकी बाजार में चुनौतियां
ब्रोकरेज ने FY27 और FY28 के लिए अपने अनुमानों को थोड़ा कम किया है, जिसके पीछे अमेरिकी बाजार का दबाव है। अमेरिका में कंपनी की सेल्स $455 मिलियन रही। लेनिडोमाइड (lenalidomide) की एक्सक्लूसिविटी खत्म होने और Ilumya के एग्जीक्यूशन में आ रही दिक्कतों ने कंपनी की रफ्तार को प्रभावित किया है।
भविष्य की राह और मैनेजमेंट का भरोसा
मैनेजमेंट ने पूरे फाइनेंशियल ईयर के लिए हाई सिंगल-डिजिट रेवेन्यू ग्रोथ की गाइडेंस दोहराई है। कंपनी अब अपनी स्पेशलिटी पाइपलाइन और Ilumya के नए लॉन्च पर दांव लगा रही है। साथ ही, कंपनी ने हाल ही में कॉर्पोरेट बॉरोइंग लिमिट को अपडेट करने और नया एंप्लॉयी स्टॉक ऑप्शन प्लान (ESOP) लाने को मंजूरी दी है, जो लंबी अवधि के बड़े बदलावों की तरफ इशारा करता है।
निवेशकों के लिए अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि Sun Pharma अपने अंतरराष्ट्रीय खर्चों को कैसे मैनेज करती है और अमेरिकी बाजार में अपने स्पेशलिटी पोर्टफोलियो को कितनी मजबूती से आगे बढ़ाती है।
