Choice Institutional Equities ने United Breweries पर 'Buy' रेटिंग दी है और ₹1,480 का प्राइस टारगेट सेट किया है। कंपनी अपने प्रीमियम बीयर पोर्टफोलियो पर फोकस बढ़ा रही है, हालांकि मुनाफा कम होने और बढ़ते एक्साइज ड्यूटी के दबाव को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
प्रीमियम पर है कंपनी का फोकस
हाल ही में हुए कंपनी के कैपिटल मार्केट्स डे में मैनेजमेंट ने अपनी फ्यूचर स्ट्रैटेजी को साफ कर दिया है। कंपनी का मुख्य फोकस अब प्रीमियम बीयर सेगमेंट में विस्तार करना है, जो हर साल 20-25% की दर से बढ़ रहा है। अपनी इस रणनीति को अमलीजामा पहनाने के लिए कंपनी ने महाराष्ट्र के एलोरा ब्रूअरी में ₹110 करोड़ का निवेश कर एक नई हाई-स्पीड कैनिंग लाइन शुरू की है।
मुनाफे पर दबाव, रेवेन्यू में बढ़त
ग्रोथ प्लान के बीच कंपनी के हालिया नतीजे मिली-जुली तस्वीर पेश करते हैं। फाइनेंशियल ईयर 2027 की पहली तिमाही में कंपनी का रेवेन्यू 10% बढ़कर ₹5,919.44 करोड़ रहा। हालांकि, नेट प्रॉफिट 9.64% की गिरावट के साथ ₹166.28 करोड़ पर सिमट गया। बिक्री बढ़ने के बावजूद मुनाफे में कमी यह दर्शाती है कि कंपनी लागत के दबाव से जूझ रही है।
इंडस्ट्री के सामने चुनौतियां
भारत में बीयर इंडस्ट्री के लिए चुनौतियां कम नहीं हैं। रिटेल कीमतों का लगभग 65% हिस्सा एक्साइज ड्यूटी में ही चला जाता है, जिससे कंपनी के पास प्राइसिंग की आजादी कम रहती है। इसके अलावा, एल्युमीनियम और ग्लास जैसी पैकेजिंग सामग्री की कीमतों में उतार-चढ़ाव और ग्लोबल सप्लाई चेन का रिस्क मार्जिन को लगातार प्रभावित कर रहा है।
वर्तमान में करीब 50% मार्केट शेयर के साथ डोमिनेट करने वाली इस कंपनी के निवेशकों के लिए यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि मैनेजमेंट हाई-टैक्स और बढ़ती लागत के माहौल में अपने मार्जिन को कैसे सुरक्षित रखता है।
