Carborundum Universal Share Price: ब्रोकरेज ने दिया 'Accumulate' रेटिंग, ₹1,178 का टारगेट

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AuthorKaran Malhotra|Published at:
Carborundum Universal Share Price: ब्रोकरेज ने दिया 'Accumulate' रेटिंग, ₹1,178 का टारगेट

Prabhudas Lilladher ने Carborundum Universal पर अपना नजरिया अपडेट करते हुए ₹1,178 का टारगेट प्राइस सेट किया है। हालांकि कंपनी का मुनाफा जर्मनी में घाटे वाली यूनिट को बंद करने के कारण गिरा है, लेकिन ब्रोकरेज इसके सिरेमिक बिजनेस की मजबूती को लेकर काफी उत्साहित है।

ब्रोकरेज फर्म Prabhudas Lilladher ने Carborundum Universal (CUMI) के शेयर पर 'Accumulate' की रेटिंग दी है और इसके लिए ₹1,178 का टारगेट तय किया है। कंपनी इस समय अपने बिजनेस पोर्टफोलियो को नया रूप देने में जुटी है, जहां एक तरफ सिरेमिक डिवीजन में शानदार परफॉर्मेंस दिख रही है, तो दूसरी तरफ कुछ विदेशी इकाइयों को बंद करने का बोझ भी नतीजों पर दिख रहा है।

रीस्ट्रक्चरिंग का मुनाफे पर असर

कंपनी के 2026 की दूसरी तिमाही के नतीजे मिले-जुले रहे। कंसोलिडेटेड रेवेन्यू साल-दर-साल 13.25% बढ़कर ₹1,470 करोड़ पर पहुंच गया, लेकिन नेट प्रॉफिट पिछले साल के ₹74 करोड़ से गिरकर मात्र ₹12 करोड़ रह गया। इसकी बड़ी वजह जर्मनी की सब्सिडियरी CUMI Awuko Abrasives GmbH को बंद करने के चलते हुआ ₹80 करोड़ का वन-टाइम खर्च है। मैनेजमेंट का मानना है कि यह लंबी अवधि में कंपनी के फाइनेंशियल स्ट्रेस को कम करने के लिए उठाया गया एक जरूरी कदम है।

सिरेमिक सेगमेंट में चमक

ब्रोकरेज की पॉजिटिव राय के पीछे कंपनी का सिरेमिक डिवीजन है, जिसने दूसरी तिमाही में 36.1% की जोरदार ग्रोथ दर्ज की है। इंडस्ट्रियल सिरेमिक्स और मेटलाइज्ड सिलेंडर्स की मांग को देखते हुए कंपनी ने इस सेगमेंट के लिए अपनी फुल-ईयर गाइडेंस को 25%–28% तक बढ़ा दिया है। साथ ही, कंपनी 2031 तक सेमीकंडक्टर इक्विपमेंट कंपोनेंट्स मार्केट से ₹350 करोड़ के रेवेन्यू का लक्ष्य लेकर चल रही है। इन बदलावों के बीच बोर्ड ने श्री आशुतोष सिंह को वर्टिकल-3 का एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर नियुक्त किया है।

रिस्क और ध्यान देने वाली बातें

लंबी अवधि की उम्मीदों के बावजूद, निवेशकों को कुछ जोखिमों का ध्यान रखना चाहिए। एब्रेसिव्स बिजनेस में कच्चे माल की बढ़ती कीमतों के कारण मार्जिन पर दबाव है। हालांकि मैनेजमेंट कीमतों में बढ़ोतरी के जरिए मार्जिन रिकवरी की कोशिश कर रहा है, लेकिन सेमीकंडक्टर सेक्टर में कंपनी का दांव अभी शुरुआती दौर में है। भविष्य की कमाई इस बात पर निर्भर करेगी कि कंपनी विदेशी रीस्ट्रक्चरिंग को कितनी जल्दी पूरा करती है और कोर बिजनेस में मार्जिन को कैसे मेंटेन रखती है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.