Capri Global Capital के लिए दूसरी तिमाही शानदार रही है। कंपनी का एसेट अंडर मैनेजमेंट (AUM) **62.3%** बढ़कर सामने आया है, जिसके पीछे गोल्ड और हाउसिंग लोन सेगमेंट की मजबूत मांग है।
ग्रोथ की रफ्तार
कंपनी की ओर से जारी रिपोर्ट के मुताबिक, वित्त वर्ष 2027 की दूसरी तिमाही में कंपनी का प्रदर्शन काफी मजबूत रहा है। साल-दर-साल आधार पर कंपनी का कुल एसेट अंडर मैनेजमेंट (AUM) 62.3% बढ़कर दर्ज किया गया है। इस शानदार ग्रोथ को मुख्य रूप से गोल्ड लोन, हाउसिंग और कंस्ट्रक्शन फाइनेंस सेगमेंट से सपोर्ट मिला है।
गोल्ड लोन का दबदबा
कंपनी के गोल्ड लोन पोर्टफोलियो ने सबसे बेहतरीन प्रदर्शन किया है, जिसमें साल-दर-साल 101.8% की जबरदस्त बढ़ोतरी देखी गई और यह ₹210 अरब के स्तर पर पहुंच गया है। इसके अलावा, हाउसिंग फाइनेंस में 39.4% और कंस्ट्रक्शन फाइनेंस सेगमेंट में 51% की ठोस ग्रोथ दर्ज की गई है।
ब्रोकरेज का क्या है नजरिया?
नतीजों के बाद, Choice Institutional Equities के एनालिस्ट्स ने कंपनी पर अपना आउटलुक पॉजिटिव कर दिया है। ब्रोकरेज ने वित्त वर्ष 2027 के लिए नेट प्रॉफिट अनुमान को 1.8% और वित्त वर्ष 2028 के लिए 2.1% तक बढ़ा दिया है। अनुमान है कि वित्त वर्ष 2028 के अंत तक कंपनी का कंसोलिडेटेड AUM ₹660.2 अरब तक पहुंच सकता है।
निवेशकों के लिए चुनौतियां
हालांकि कंपनी तेजी से विस्तार कर रही है, लेकिन निवेशकों को एनबीएफसी (NBFC) सेक्टर से जुड़े जोखिमों को भी ध्यान में रखना चाहिए। गोल्ड लोन मार्केट में काफी प्रतिस्पर्धा है, जिससे लेंडिंग यील्ड पर दबाव बढ़ सकता है। साथ ही, Reserve Bank of India (RBI) की नीतियां, कैपिटल एडिक्वेसी और लोन प्रोविजनिंग जैसे नियम कंपनी की ऑपरेशनल फ्लेक्सिबिलिटी पर असर डाल सकते हैं। निवेशकों की नजर अब एसेट क्वालिटी और नेट इंटरेस्ट मार्जिन पर बनी रहेगी।
