Can Fin Homes Q2 Results: कंपनी का मुनाफा **9%** उछला, Jefferies ने 'Buy' रेटिंग के साथ दिया बड़ा टारगेट

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AuthorSaanvi Reddy|Published at:
Can Fin Homes Q2 Results: कंपनी का मुनाफा **9%** उछला, Jefferies ने 'Buy' रेटिंग के साथ दिया बड़ा टारगेट

Can Fin Homes ने सितंबर 2026 तिमाही के लिए शानदार नतीजे पेश किए हैं। कंपनी का नेट प्रॉफिट **9.2%** बढ़कर **₹275 करोड़** पर पहुंच गया है, जो बाजार के अनुमानों से बेहतर है। हालांकि, नए IT सिस्टम की वजह से लोन बांटने की रफ्तार पर थोड़ा असर पड़ा है। नतीजों के बाद शेयर में **2.5%** की तेजी दिखी है और ब्रोकरेज हाउस Jefferies ने इस पर अपना भरोसा कायम रखते हुए **₹1,075** का टारगेट दिया है।

Can Fin Homes, जो Canara Bank द्वारा प्रमोटेड कंपनी है, ने सितंबर 2026 को समाप्त हुई तिमाही के लिए अपने फाइनेंशियल रिजल्ट्स जारी कर दिए हैं। कंपनी ने ₹275 करोड़ का नेट प्रॉफिट दर्ज किया है, जो पिछले साल की इसी अवधि के मुकाबले 9.2% अधिक है। इस बेहतर परफॉर्मेंस का असर शेयर प्राइस पर भी दिखा और यह दिन के कारोबार में लगभग 2.5% ऊपर ट्रेड करता नजर आया।

IT ट्रांसफॉर्मेशन का असर

मुनाफे में बढ़ोतरी के बावजूद, कंपनी की लोन डिस्बर्सल की गति थोड़ी धीमी रही है। इसकी मुख्य वजह 'Project Tejas' नाम का नया टेक्नोलॉजी सिस्टम है, जिसे कंपनी लागू कर रही है। हालांकि यह सिस्टम ऑपरेशंस को मॉडर्न बनाने के लिए है, लेकिन इसके ट्रांजिशन पीरियड के चलते लोन प्रोसेसिंग में अस्थाई रुकावटें आईं। इसके बावजूद कंपनी का कुल लोन बुक ₹43,539 करोड़ तक पहुंच गया है, जो सालाना आधार पर 10% की ग्रोथ दिखाता है।

एसेट क्वालिटी और मार्जिन्स

हाउसिंग फाइनेंस कंपनियों के लिए एसेट क्वालिटी सबसे अहम होती है। 30 सितंबर 2026 तक कंपनी का ग्रॉस NPA 0.90% और नेट NPA 0.43% रहा है, जो पोर्टफोलियो की मजबूती को दर्शाता है। हालांकि, नेट इंटरेस्ट मार्जिन्स (NIM) पर थोड़ा दबाव देखा गया है, क्योंकि फंड की बढ़ती लागत ने लोन से होने वाली आय के फायदों को काफी हद तक बैलेंस कर दिया है।

ब्रोकरेज की राय और आगे की राह

Jefferies ने स्टॉक पर 'Buy' रेटिंग बरकरार रखी है और ₹1,075 का टारगेट प्राइस दिया है। ब्रोकरेज का मानना है कि कंपनी का बिजनेस मॉडल अभी भी लो-टू-मिडल इनकम सेगमेंट में मजबूत मांग के दम पर टिका हुआ है। निवेशकों की नजर अब 'Project Tejas' के पूरी तरह स्थिर होने पर टिकी है। उम्मीद है कि एक बार यह सिस्टम पूरी तरह सेट हो जाने के बाद लोन प्रोसेसिंग की स्पीड बढ़ेगी और डिस्बर्सल ग्रोथ में सुधार देखने को मिलेगा।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.