ब्रोकरेज फर्म Prabhudas Lilladher ने CESC पर अपनी कवरेज शुरू करते हुए **₹204** का टारगेट दिया है। कंपनी का मुख्य फोकस अब अपने रिन्यूएबल एनर्जी पोर्टफोलियो को विस्तार देने पर है, जिसे **FY29** तक **4.5GW** तक ले जाने का लक्ष्य रखा गया है।
Prabhudas Lilladher ने पावर यूटिलिटी कंपनी CESC पर बुलिश रुख अपनाते हुए ₹204 का टारगेट प्राइस तय किया है। ब्रोकरेज का मानना है कि कंपनी एक बड़े बदलाव के दौर से गुजर रही है, जहां अब उनका ध्यान पारंपरिक पावर डिस्ट्रीब्यूशन के साथ-साथ रिन्यूएबल एनर्जी के क्षेत्र में अपनी पैठ मजबूत करने पर है। कंपनी का 60% नेट प्रॉफिट अभी भी उनके पुराने और स्थिर पावर डिस्ट्रीब्यूशन बिजनेस से आता है, जो कंपनी की सबसे बड़ी मजबूती है।
रिन्यूएबल एनर्जी पर बड़ा दांव
CESC अपनी रिन्यूएबल कैपेसिटी को FY27 की पहली तिमाही के 0.4GW से बढ़ाकर FY29 तक 4.5GW तक पहुंचाने का लक्ष्य लेकर चल रही है। इस बड़े विस्तार के लिए कंपनी ने 4.3GW कैपेसिटी के लिए पावर परचेज एग्रीमेंट्स (PPAs) भी साइन कर लिए हैं, जो भविष्य में कंपनी के कैश फ्लो को सुरक्षित रखने में मदद करेंगे।
फाइनेंशियल आउटलुक और रिस्क
ब्रोकरेज का अनुमान है कि कंपनी का ऑपरेटिंग प्रॉफिट FY29 तक लगभग 15% की दर से बढ़ सकता है। हालांकि, शॉर्ट टर्म में अर्निंग्स पर शेयर (EPS) में 6% की मामूली बढ़ोतरी की उम्मीद है, लेकिन FY30 से रिन्यूएबल प्रोजेक्ट्स का मुनाफा कंपनी की बॉटम लाइन में बड़ा योगदान देने लगेगा। निवेशकों को इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि बड़े प्रोजेक्ट्स के साथ एग्जीक्यूशन रिस्क, लागत में बढ़ोतरी और भारी कैपिटल एक्सपेंडिचर जैसे चुनौतियां भी जुड़ी होती हैं।
निवेशकों के लिए अहम संकेत
आने वाले समय में बाजार की नजरें कुछ बड़े इवेंट्स पर रहेंगी। इसमें मिड-नवंबर 2026 तक Renew अधिग्रहण का पूरा होना और FY27 की आखिरी तिमाही में 400MW रिन्यूएबल कैपेसिटी का ट्रांसमिशन इंफ्रास्ट्रक्चर चालू करना शामिल है। इसके अलावा, मालेगांव (Malegaon) फ्रेंचाइजी में ट्रांसमिशन और डिस्ट्रीब्यूशन लॉस को कम करने की दिशा में प्रगति भी निवेशकों के लिए महत्वपूर्ण होगी। कंपनी की 5% के आसपास की डिविडेंड यील्ड और स्थिर वैल्युएशन इसे लॉन्ग-टर्म के लिहाज से दिलचस्प बनाती है, हालांकि सब कुछ रिन्यूएबल बिजनेस की सफलता पर निर्भर करेगा।
