बाजार में लौटी रौनक के बीच, मार्केट एनालिस्ट राजा वेंकटरमन ने C.E. Info Systems, Sonata Software और Concord Biotech पर अपनी टेक्निकल राय साझा की है। जून तिमाही के नतीजों और वैश्विक नीतिगत उम्मीदों के चलते भारतीय शेयर बाजार में रिकवरी देखने को मिल रही है।
भारतीय शेयर बाजार में जोरदार वापसी
बुधवार को भारतीय शेयर बाजार में जबरदस्त रिकवरी देखने को मिली। BSE Sensex 888.68 अंक चढ़कर 77,654.60 पर बंद हुआ, वहीं Nifty 50 ने 264.85 अंकों की बढ़त के साथ 24,250.20 का स्तर छुआ। इस व्यापक तेजी के बीच, तीन कंपनियों - C.E. Info Systems (MapmyIndia), Sonata Software, और Concord Biotech - अपने हालिया टेक्निकल पैटर्न और सेक्टर पोजिशनिंग के कारण निवेशकों के रडार पर आ गई हैं।
C.E. Info Systems (MapmyIndia)
MapmyIndia के स्टॉक में गिरावट के दौर के बाद प्राइस मूवमेंट पर गौर किया जा रहा है। यह स्टॉक फिलहाल 45.44 के प्राइस-टू-अर्निंग (P/E) रेश्यो पर ट्रेड कर रहा है। टेक्निकल जानकारों की नजर इस बात पर है कि क्या यह पिछले रेजिस्टेंस लेवल से ऊपर की क्लोजिंग बनाए रख पाता है। बिजनेस के नजरिए से, कंपनी ऑटोमोटिव सेक्टर की डिजिटल जरूरतों से गहराई से जुड़ी हुई है। निवेशकों को प्रोजेक्ट एग्जीक्यूशन टाइमलाइन और ऑटोमोटिव इंडस्ट्री पर कंपनी की निर्भरता पर नजर रखनी चाहिए।
Sonata Software का प्रदर्शन
IT सर्विसेज कंपनी Sonata Software ने टेक्नोलॉजी सेक्टर में कुछ नरमी के बाद स्थिरता के संकेत दिखाए हैं। 31.90 के P/E रेश्यो और ₹421.40 के 52-हफ्ते के हाई के साथ, इस स्टॉक ने अपनी मजबूती के चलते निवेशकों का ध्यान खींचा है। हालांकि IT सेक्टर में रिकवरी के संकेत मिल रहे हैं, लेकिन निवेशकों को क्लाइंट कंसंट्रेशन के रिस्क से सावधान रहना चाहिए। कई IT सर्विस प्रोवाइडर्स की तरह, इनका भी बड़ा रेवेन्यू कुछ गिने-चुने बड़े क्लाइंट्स से आता है, इसलिए किसी बड़े कॉन्ट्रैक्ट के जाने या कम होने से कंपनी के फाइनेंशियल पर असर पड़ सकता है।
Concord Biotech और सेक्टर ट्रेंड्स
R&D-केंद्रित बायोफार्मास्युटिकल स्पेस में काम करने वाली Concord Biotech में हाल ही में ट्रेडिंग वॉल्यूम बढ़ा है। स्टॉक का P/E रेश्यो 53.09 है और 52-हफ्ते का हाई ₹1,879.05 रहा है। कंपनी का ग्रोथ ट्रैक विशेष थेराप्यूटिक ऑफरिंग्स पर निर्भर करता है। शेयरधारकों के लिए एक महत्वपूर्ण बात सप्लाई चेन मैनेजमेंट है; बायोफार्मा कंपनी होने के नाते, कच्चे माल की खरीद में किसी भी तरह की बाधा या एक्सपोर्ट मार्केट में रेगुलेटरी बदलाव से ऑपरेटिंग मार्जिन पर असर पड़ सकता है। साथ ही, कंपनी के प्रोडक्ट पोर्टफोलियो के सीमित होने के कारण, यह रेगुलेटेड मार्केट्स में खास दवाओं की सफलता पर काफी निर्भर है।
व्यापक बाजार का संदर्भ
मौजूदा बाजार की तेजी मुख्य रूप से जून तिमाही के नतीजों से प्रेरित है। निवेशक अमेरिकी फेडरल रिजर्व के ब्याज दर फैसलों को लेकर भी उत्साहित हैं। वैश्विक कमोडिटी कीमतों में उतार-चढ़ाव और ब्रेंट क्रूड के बढ़ने के बावजूद, भारतीय रुपये में मजबूती दिखी और यह ₹83.55 प्रति अमेरिकी डॉलर पर बंद हुआ। IT, मेटल और फार्मा सहित ज्यादातर सेक्टर इंडेक्स हरे निशान में बंद हुए। टेक्निकल एनालिस्ट्स Nifty 50 के 24,400 के आसपास रेजिस्टेंस और 24,100 पर सपोर्ट लेवल पर नजर रख रहे हैं।
