10 जुलाई से पहले ब्रोकरेज फर्मों ने TCS, Dr. Reddy's Laboratories और Dixon Technologies जैसी बड़ी भारतीय कंपनियों के लिए मिली-जुली सिफारिशें जारी की हैं। निवेशकों को इस अंतर को समझना होगा, क्योंकि कुछ एनालिस्ट IT और मैन्युफैक्चरिंग की ग्रोथ को बढ़ावा दे रहे हैं, वहीं अन्य वैल्यूएशन और अर्निंग आउटलुक को लेकर फार्मा शेयरों के बारे में सतर्क हैं।
TCS पर मिली-जुली राय
Tata Consultancy Services (TCS) को लेकर एनालिस्ट्स के बीच अलग-अलग राय बनी हुई है। Motilal Oswal, Nuvama और Goldman Sachs ने 'Buy' रेटिंग बरकरार रखी है, हालांकि टारगेट प्राइस को मौजूदा मार्केट कंडीशन के हिसाब से एडजस्ट किया गया है। वहीं, Citi ने 'Sell' रेटिंग दी है, जो वैल्यूएशन या फ्यूचर मार्जिन स्टेबिलिटी को लेकर चिंताएं दर्शा सकती है।
फार्मा सेक्टर पर सतर्कता
फार्मा कंपनियों को लेकर ब्रोकरेज फर्म्स सतर्क नजर आ रही हैं। Dr. Reddy's Laboratories को लेकर Nuvama ने 'Buy' रेटिंग दी है, जबकि Emkay और Citi ने 'Reduce' या 'Sell' की सलाह दी है। इसका कारण ड्रग प्राइसिंग प्रेशर, एक्सपोर्ट मार्केट में रेगुलेटरी रिस्क या अर्निंग्स की अस्थिरता हो सकता है। Citi ने Aurobindo Pharma को 'Sell' रेटिंग दी है।
इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग में ग्रोथ की उम्मीद
Dixon Technologies (India) Limited पर Emkay ने ₹15,200 का टारगेट प्राइस दिया है, जो इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग में कंपनी की भूमिका पर भरोसा दिखाता है। Goldman Sachs ने Solar Industries India Limited को ₹19,590 के टारगेट प्राइस के साथ 'Buy' रेटिंग दी है।
मार्केट का रिएक्शन नतीजों और मैक्रोइकॉनॉमिक संकेतों पर निर्भर करेगा। निवेशकों को तिमाही रेवेन्यू ग्रोथ, प्रॉफिट मार्जिन और डेट लेवल जैसे फंडामेंटल इंडिकेटर्स पर ध्यान देना चाहिए।
