संवत 2083 की शुरुआत के साथ ही HDFC Securities और Kotak Neo जैसे बड़े ब्रोकरेज हाउस ने इंफ्रास्ट्रक्चर और डिफेंस सेक्टर पर फोकस बढ़ा दिया है। संवत 2082 में Nifty 50 में **11%** की गिरावट के बाद, अब एक्सपर्ट्स उन कंपनियों को चुन रहे हैं जिनके पास तगड़ा ऑर्डर बुक और दमदार अर्निंग्स ग्रोथ की उम्मीद है।
संवत 2083 में इंस्टीट्यूशनल निवेशकों की रणनीति बदल गई है। संवत 2082 में विदेशी निवेशकों की बिकवाली और भू-राजनीतिक तनाव के चलते Nifty 50 में लगभग 10 से 11% की गिरावट देखी गई थी। अब बाजार का फोकस पूरी तरह से उन कंपनियों पर है, जिनकी कमाई का भविष्य सुरक्षित है।
डिफेंस और इंफ्रा बना 'सेफ हेवन'
ब्रोकरेज हाउस इस बार बड़ी ऑर्डर बुक वाली कंपनियों को प्राथमिकता दे रहे हैं ताकि बाजार की अनिश्चितता से बचा जा सके।
- Larsen & Toubro: इसका कंसोलिडेटेड ऑर्डर बुक ₹8.54 लाख करोड़ के स्तर पर है।
- Bharat Electronics Limited (BEL): अक्टूबर 2026 की शुरुआत तक कंपनी का ऑर्डर बुक ₹68,717 करोड़ रहा।
- Hindustan Aeronautics Limited (HAL): इसके पास करीब ₹2.54 से ₹2.55 लाख करोड़ का बड़ा बैकलॉग है, जो कई सालों तक रेवेन्यू की गारंटी देता है।
कंजम्पशन और एक्सपोर्ट का एंगल
भारी उद्योगों के अलावा, ब्रोकरेज की नजर कंजम्पशन थीम पर भी है। इसमें Zomato जैसे क्विक-कॉमर्स दिग्गज और रिटेल सेक्टर में Titan जैसे स्थापित नाम शामिल हैं। वहीं, नए अंतरराष्ट्रीय व्यापार समझौतों के चलते KPR Mill जैसी कंपनियों पर भी नजर रखी जा रही है।
सावधानी जरूरी
हालांकि Nifty 50 के लिए फाइनेंशियल ईयर 2027 में 18% और 2028 में 13% अर्निंग्स ग्रोथ का अनुमान है, लेकिन निवेशकों को सतर्क रहना होगा। सप्लाई चेन की बाधाएं डिफेंस ऑर्डर्स को प्रभावित कर सकती हैं, और क्रूड ऑयल की बढ़ती कीमतें व डॉलर की मजबूती भी मार्केट सेंटीमेंट पर असर डाल सकती है। निवेशकों को कंपनियों के तिमाही अपडेट और मार्जिन पर कड़ी नजर रखनी चाहिए।
