AI देगा IT दिग्गजों को बूस्ट?
Infosys के लिए Jefferies ने 'Buy' रेटिंग बरकरार रखी है और टारगेट प्राइस ₹1,880 रखा है, जो 38% से ज़्यादा का अपसाइड दिखा रहा है। फर्म का मानना है कि Infosys अपनी 'Topaz Fabric' प्लेटफॉर्म के ज़रिए AI से जुड़ी डिमांड का फायदा उठाने की स्ट्रैटेजी पर काम कर रही है। AI सॉल्यूशंस में Infosys की पार्टनरशिप की खबरों के बाद IT स्टॉक्स में आई तेजी से यह सेंटिमेंट जुड़ा है। Infosys का P/E रेश्यो करीब 19-25.5 है, जो इंडस्ट्री के औसत 22.02 से थोड़ा ऊपर है। यह दर्शाता है कि निवेशक भविष्य की ग्रोथ को पहले से ही प्राइस इन कर रहे हैं।
कमोडिटीज़: चांदी की कमी और स्टील की डिमांड
Hindustan Zinc के लिए भी Jefferies ने 'Buy' रेटिंग दी है, हालांकि टारगेट प्राइस घटाकर ₹700 कर दिया है, फिर भी इसमें करीब 20% का पोटेंशियल अपसाइड है। ब्रोकरेज का भरोसा 2026 तक चांदी (Silver) की सप्लाई में लगातार छठी बार कमी (deficit) आने के अनुमान से है, जो कंपनी की कमाई का बड़ा हिस्सा है। इसका P/E रेश्यो लगभग 21-21.5 है, जो ऐतिहासिक औसत से ऊपर है। लेकिन एनालिस्ट्स को उम्मीद है कि डिमांड स्टेबल रहेगी और माइन प्रोडक्शन का पीक पर पहुंचना कीमतों को सपोर्ट करेगा। करीब 4.97% की डिविडेंड यील्ड भी इसे आकर्षक बनाती है।
Motilal Oswal ने Tata Steel पर 'Buy' कॉल दिया है और टारगेट ₹240 रखा है, जो 15% का अपसाइड दिखाता है। यह रेटिंग कंपनी की मजबूत घरेलू मांग और कैपेसिटी बढ़ाने की योजनाओं पर आधारित है। हालांकि, Tata Steel का P/E रेश्यो करीब 26.6 से 38.9 है, जो इसके ऐतिहासिक नॉर्म्स से काफी ज़्यादा है। पिछले पांच सालों में सेल्स ग्रोथ भी कमजोर रही है, जो वैल्यूएशन को लेकर चिंता पैदा कर सकता है।
फार्मा और पैकेजिंग में ग्रोथ की उम्मीद
Nuvama ने Lupin को 'Buy' रेटिंग दी है और टारगेट ₹2,550 ( 16% अपसाइड) तय किया है। इसकी वजह अमेरिका और भारत में कंपनी का अच्छा परफॉरमेंस और कॉम्प्लेक्स जेनेरिक्स (complex generics) का मजबूत पाइपलाइन है। Lupin स्ट्रैटेजिकली हाई-वैल्यू कॉम्प्लेक्स जेनेरिक्स की ओर बढ़ रही है। इसका P/E रेश्यो करीब 18.5-25.6 है, और कुछ मेट्रिक्स इसे ओवरवैल्यूड दिखा सकते हैं।
Nomura ने EPL Limited (पहले ECL) को ₹350 के टारगेट के साथ 'Buy' रेटिंग दी है, जो 60% से ज़्यादा का अपसाइड बताता है। यह रेटिंग Q3FY26 में कंपनी की डबल-डिजिट रेवेन्यू ग्रोथ पर आधारित है। कंपनी का P/E करीब 21.78 है।
कंज्यूमर और फाइनेंशियल सर्विसेज में तेजी
Motilal Oswal का मानना है कि Indigo Paints में सुधार आ रहा है, इसलिए 'Buy' रेटिंग और ₹1,400 का टारगेट ( 42% अपसाइड) दिया है। इसका P/E रेश्यो करीब 30.9-31.75 है, जो Asian Paints (P/E 56.89) और Berger Paints (P/E 47.46) जैसे पीयर्स से प्रीमियम पर है।
Axis Securities ने LG Electronics India को ₹1,815 ( 16% अपसाइड) के टारगेट पर 'Buy' करने की सलाह दी है, जो इसके मार्केट शेयर और डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क पर आधारित है।
Jefferies ने Go Digit General Insurance को ₹430 ( 33% अपसाइड) के टारगेट के साथ 'Buy' किया है। कंपनी के यूनिक अंडरराइटिंग मॉडल और क्लेम-लिंक्ड डिस्ट्रीब्यूटर इंसेंटिव्स की तारीफ की गई है। हालांकि, इसका P/E रेश्यो 60 से ऊपर है, जो काफी ज्यादा माना जा रहा है।
Nomura ने Indian Hotels Company Limited (IHCL) को ₹830 ( 16.6% अपसाइड) के टारगेट पर 'Buy' रेटिंग दी है।
Motilal Oswal ने Lenskart को ₹600 ( 27% अपसाइड) के टारगेट के साथ 'Buy' कवरेज शुरू किया है, जो इसके ग्रोथ पोटेंशियल और ऑर्गेनाइज्ड आईवियर सेगमेंट में कम कॉम्पिटिशन को देखते हुए प्रीमियम वैल्यूएशन को सही ठहराता है।
वैल्यूएशन और जोखिमों पर एक नजर (Bear Case)
हालांकि ब्रोकरेज हाउस के बीच तेजी का माहौल है, लेकिन कुछ चिंताएं भी हैं। Go Digit General Insurance का P/E 60 से ऊपर होना, Indigo Paints का 31.75 के आस-पास P/E, और Tata Steel का 38.9 तक का P/E, ये सभी वैल्यूएशन को लेकर सवाल खड़े करते हैं। Tata Steel की पिछले पांच सालों की कमजोर सेल्स ग्रोथ और EPL Limited की सेल्स ग्रोथ में आई नरमी भी चिंता का विषय है।
Infosys को AI सेवाओं में लीडर होने के बावजूद तेजी से बदलते टेक माहौल में कड़े कॉम्पिटिशन का सामना करना पड़ रहा है। Hindustan Zinc की चांदी की कीमतों में अस्थिरता पर निर्भरता एक सीधा जोखिम है, जैसा कि हाल ही में चांदी की कीमतों में गिरावट के बाद स्टॉक में 13% की गिरावट से दिखा।
Lenskart जैसी कंपनियों के लिए रिटेल सेक्टर में जबरदस्त कॉम्पिटिशन है, और LG Electronics India को भी घरेलू और अंतर्राष्ट्रीय प्रतिस्पर्धियों से मुकाबला करना होगा।
भविष्य की बात करें तो, ब्रोकरेज फर्म इन दस कंपनियों से मजबूत एग्जीक्यूशन और ग्रोथ की उम्मीद कर रही हैं। AI, घरेलू मांग और कमोडिटी सप्लाई जैसी चीजे निवेशकों की दिलचस्पी बनाए रख सकती हैं। लेकिन, कुछ स्टॉक्स के ऊंचे वैल्यूएशन के कारण सतर्क रहने की जरूरत है। कंपनियों को रेवेन्यू ग्रोथ, मार्जिन बढ़ाने और चुनौतियों का सामना करने में सफलता मिलने पर ही यह तेजी जारी रह सकती है।