Brigade Enterprises Share Price: ब्रोकरेज ने लगाया बड़ा दांव, ₹750 के टारगेट के साथ 'BUY' रेटिंग

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AuthorAditi Chauhan|Published at:
Brigade Enterprises Share Price: ब्रोकरेज ने लगाया बड़ा दांव, ₹750 के टारगेट के साथ 'BUY' रेटिंग

Geojit Financial Services ने Brigade Enterprises के लिए ₹750 का टारगेट प्राइस तय किया है। कंपनी की पहली तिमाही के नतीजे मिले-जुले रहे, जहां नए लॉन्च कम होने से प्री-सेल्स में मामूली गिरावट आई, वहीं प्रॉपर्टी की कीमतें प्रति वर्ग फुट रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचीं। निवेशकों की नजर चेन्नई में एक लीगल केस पर भी है, जो कंपनी के लिए एक बड़ा फोकस एरिया बना हुआ है।

Geojit का 'BUY' कॉल और ₹750 का टारगेट

Geojit Financial Services ने Brigade Enterprises पर अपना 'BUY' रेटिंग बरकरार रखा है और शेयर के लिए ₹750 का टारगेट प्राइस सेट किया है। यह रेटिंग कंपनी के 2027 फाइनेंशियल ईयर की पहली तिमाही के नतीजों के बाद आई है। नतीजों में बिक्री की मात्रा (Sales Volume) थोड़ी कम रही, लेकिन कंपनी की प्रॉफिटेबिलिटी (Profitability) और प्रॉपर्टी की कीमतों में मजबूती दिखी है।

ऑपरेशनल परफॉर्मेंस और प्रॉफिटेबिलिटी

FY27 की पहली तिमाही में Brigade Enterprises की प्री-सेल्स ₹1,061 करोड़ रही, जो पिछले साल की इसी अवधि के मुकाबले 5% कम है। इसकी मुख्य वजह इस तिमाही में कम नए प्रोजेक्ट लॉन्च होना रहा, जिसके चलते बिक्री की मात्रा 22% घटकर 0.74 मिलियन वर्ग फुट रह गई।

हालांकि, कंपनी ने बेहतर प्राइसिंग पावर के दम पर इस कमी को पूरा किया। कंपनी ने प्रति वर्ग फुट औसत बिक्री मूल्य (Realizations) ₹14,256 के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचाया, जो पिछले साल से 21% ज्यादा है। यह मौजूदा प्रोजेक्ट्स में रणनीतिक मूल्य समायोजन (Price Adjustments) और हाई-वैल्यू प्रोडक्ट्स पर फोकस का नतीजा है।

फाइनेंशियल नतीजों में कंपनी की एफिशिएंसी भी बढ़ी है। कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट में 37% की सालाना बढ़ोतरी के साथ यह ₹217 करोड़ पर पहुंच गया। ऑपरेटिंग मार्जिन में भी करीब 790 बेसिस पॉइंट्स का इजाफा हुआ और यह 32% पर आ गया। इससे पता चलता है कि कम लॉन्च के बावजूद कंपनी अपने प्रोजेक्ट कॉस्ट्स और रेवेन्यू रिकग्निशन को प्रभावी ढंग से मैनेज कर रही है।

डाइवर्सिफाइड बिजनेस सेग्मेंट्स

रेजिडेंशियल प्रोजेक्ट्स के अलावा, कंपनी के लीजिंग और हॉस्पिटैलिटी बिजनेस से भी लगातार रेवेन्यू आ रहा है। लीजिंग रेवेन्यू में 9% की बढ़ोतरी के साथ यह ₹328 करोड़ रहा, जबकि पोर्टफोलियो की ऑक्यूपेंसी 88% पर बनी हुई है। हॉस्पिटैलिटी सेगमेंट ने ₹144 करोड़ का योगदान दिया, जिसमें औसत रूम रेट में 7% की बढ़ोतरी के साथ यह ₹7,241 हो गया। ये सेग्मेंट्स रेजिडेंशियल रियल एस्टेट मार्केट की साइक्लिकल नेचर के मुकाबले एक सपोर्ट सिस्टम प्रदान करते हैं।

रेगुलेटरी और प्रोजेक्ट रिस्क

फाइनेंशियल आउटलुक पॉजिटिव होने के बावजूद, निवेशक कंपनी के एक प्रोजेक्ट से जुड़े अहम रेगुलेटरी डेवलपमेंट पर नजर रखे हुए हैं। मई 2026 में, स्टेट लेवल एनवायर्नमेंटल इम्पैक्ट असेसमेंट अथॉरिटी (SEIAA) ने चेन्नई स्थित 'Brigade Morgan Heights' प्रोजेक्ट के लिए एनवायर्नमेंटल क्लीयरेंस (Environmental Clearance) रद्द कर दिया था। Brigade Enterprises ने इस फैसले को मद्रास हाईकोर्ट में चुनौती दी है, और मामला फिलहाल विचाराधीन है। इस लीगल केस का नतीजा एक महत्वपूर्ण फैक्टर है, क्योंकि यह उस स्पेसिफिक डेवलपमेंट की टाइमलाइन और संभावित रेवेन्यू को सीधे तौर पर प्रभावित करेगा।

कंपनी के पास अगले चार तिमाहियों में लॉन्च करने के लिए 16.39 मिलियन वर्ग फुट का एक बड़ा पाइपलाइन तैयार है। इन प्रोजेक्ट्स की सफलता और मौजूदा रेगुलेटरी बाधाओं का समाधान आने वाले समय में कंपनी की ग्रोथ के लिए महत्वपूर्ण साबित होगा।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.