ब्रोकरेज फर्म Bonanza Portfolio ने चार्ट पैटर्न के आधार पर Jindal Saw, BHEL और Allied Blenders में शॉर्ट-टर्म बुलिश मोमेंटम की पहचान की है। हालांकि ये स्टॉक्स ब्रेकआउट दिखा रहे हैं, लेकिन निवेशकों को टेक्निकल संकेतों और लॉन्ग-टर्म फंडामेंटल्स के बीच का अंतर जरूर समझना चाहिए।
ब्रोकरेज फर्म Bonanza Portfolio के टेक्निकल एनालिस्ट्स ने अपनी ताजा रिपोर्ट में तीन ऐसे स्टॉक्स की ओर इशारा किया है जिनमें चार्ट पैटर्न काफी मजबूत दिख रहे हैं। ये संकेत मुख्य रूप से Relative Strength Index (RSI) और महत्वपूर्ण ब्रेकआउट लेवल पर आधारित हैं, जो भविष्य में शॉर्ट-टर्म कीमतों में हलचल दिखा सकते हैं।
Jindal Saw में तेजी का दम
ऑयल, गैस और वॉटर इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए पाइप बनाने वाली कंपनी Jindal Saw ने अपने पुराने रेजिस्टेंस लेवल को तोड़कर 'हॉरिजॉन्टल ब्रेकआउट' दिया है। स्टॉक फिलहाल अपने प्रमुख एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज (EMA) के ऊपर ट्रेड कर रहा है, जिसे टेक्निकल ट्रेडर्स एक पॉजिटिव सिग्नल मानते हैं। हालांकि, जानकारों का कहना है कि कंपनी का प्रदर्शन बड़े प्रोजेक्ट्स को समय पर पूरा करने और कच्चे माल की लागत पर निर्भर करता है।
BHEL की नई उड़ान
Bharat Heavy Electricals (BHEL) ने एक मल्टी-मंथ 'डाउनवर्ड ट्रेंडलाइन' को पार कर लिया है। पावर इक्विपमेंट सेक्टर की इस दिग्गज कंपनी में खरीदारी का वॉल्यूम बढ़ा है, जिससे मोमेंटम इंडिकेटर्स ऊपर की ओर इशारा कर रहे हैं। याद रखें, BHEL की ग्रोथ सरकार के इंफ्रा खर्च और थर्मल प्रोजेक्ट्स से जुड़ी है, जहां ग्लोबल कंपटीशन का भी दबाव बना रहता है।
Allied Blenders का पैटर्न
स्पिरिट्स और शराब बनाने वाली कंपनी Allied Blenders and Distillers के चार्ट पर 'फ्लैग एंड पेन्नेंट' फॉर्मेशन दिख रहा है। यह पैटर्न अक्सर पिछले ट्रेंड को जारी रखने का संकेत देता है। इसके अलावा, स्टॉक का प्रमुख मूविंग एवरेज के ऊपर बने रहना पॉजिटिव है। ध्यान रहे कि शराब उद्योग का कारोबार पूरी तरह से राज्य सरकारों के टैक्स नियमों और बदलती पॉलिसी पर टिका होता है, जो बिजनेस के लिए बड़ा रिस्क हो सकता है।
निवेशकों के लिए जरूरी सलाह
टेक्निकल एनालिसिस पूरी तरह से प्राइस मूवमेंट और वॉल्यूम डेटा पर आधारित होता है। यह कंपनी के कर्ज, कैश फ्लो या लॉन्ग-टर्म ग्रोथ के बारे में कोई जानकारी नहीं देता है। वोलाटाइल मार्केट में सिर्फ टेक्निकल ब्रेकआउट के भरोसे ट्रेड लेना जोखिम भरा हो सकता है। एक्सपर्ट्स का मानना है कि इन संकेतों का इस्तेमाल फंडामेंटल एनालिसिस के साथ 'सप्लीमेंट' के तौर पर करना ही सही रणनीति है।
