ग्लोबल ब्रोकरेज हाउस BofA Securities ने भारतीय बाजार को लेकर अपना नजरिया बदल लिया है। कंपनी का मानना है कि Nifty 50 दिसंबर 2026 तक **26,200** के स्तर को छू सकता है, क्योंकि बाजार के बड़े जोखिम अब पीछे छूट चुके हैं।
बीते दो वर्षों से सतर्क रुख अपनाए हुए BofA Securities ने अब अपना मूड बदल लिया है। ब्रोकरेज का अनुमान है कि Nifty 50 मौजूदा स्तरों से करीब 12% की बढ़त के साथ 26,200 तक जा सकता है। ब्रोकरेज ने अपने विश्लेषण में पाया कि साल 2024 में पहचाने गए 8 प्रमुख जोखिमों में से 5 अब खत्म हो चुके हैं।
अब लार्ज-कैप पर भरोसा
ब्रोकरेज हाउस अब स्मॉल और मिड-कैप के बजाय लार्ज-कैप शेयरों को प्राथमिकता दे रहा है। रिपोर्ट के अनुसार, स्मॉल और मिड-कैप शेयरों की वैल्युएशन काफी महंगी हो चुकी है, जिसके चलते लार्ज-कैप निवेश के लिए ज्यादा संतुलित और सुरक्षित विकल्प बन गए हैं। हालांकि, ब्रोकरेज उन छोटी कंपनियों में अभी भी अवसर देख रहा है जो लगातार अपना मुनाफा (Earnings) बढ़ाने में सक्षम हैं।
किन चीजों पर रहेगी नजर?
ब्रोकरेज हाउस ने कुछ मैक्रो फैक्टर्स को लेकर चेतावनी भी दी है:
- क्रूड ऑयल: साल 2026 की आखिरी तिमाही में क्रूड ऑयल की कीमत औसतन $81 प्रति बैरल रहने का अनुमान है।
- RBI का रुख: रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) साल के अंत तक ब्याज दरों में 0.25% की बढ़ोतरी कर सकता है।
- US फेडरल रिजर्व: अमेरिकी फेड की आक्रामक नीति बाजार के सेंटिमेंट पर दबाव डाल सकती है।
ब्रोकरेज का मानना है कि अगर बाजार की उम्मीदों के मुताबिक कंपनियों का मुनाफा नहीं बढ़ा, तो बाजार में 7% तक की गिरावट का जोखिम भी बना हुआ है। अब निवेशकों की नजरें नवंबर 2026 से शुरू होने वाली बाजार की रिकवरी और अर्निंग्स विजिबिलिटी पर टिकी होंगी।
