दो साल की डिफेंसिव रणनीति को छोड़ते हुए BofA Securities ने भारतीय बाजार पर बड़ा दांव लगाया है। ब्रोकरेज ने दिसंबर 2026 तक Nifty 50 के लिए **26,200** का टारगेट सेट किया है और अब लार्ज-कैप शेयरों को प्राथमिकता देने की सलाह दी है।
वैल्यूएशन और अर्निंग्स का गणित
ब्रोकरेज का मानना है कि बाजार का वैल्यूएशन अब एक ऐसे स्तर पर आ गया है जहां से निवेश करना समझदारी है। वर्तमान में Nifty 50 अपने अर्निंग्स के 17 से 17.5 गुना पर ट्रेड कर रहा है, जो ऐतिहासिक औसत से काफी कम है। BofA ने फाइनेंशियल ईयर 2027 के लिए 10% और फाइनेंशियल ईयर 2028 के लिए 15% की दमदार अर्निंग्स ग्रोथ का अनुमान लगाया है।
इन चुनौतियों पर रखें नज़र
तेजी की संभावनाओं के बीच ब्रोकरेज ने निवेशकों को सतर्क रहने की सलाह दी है। सबसे बड़ा रिस्क प्राइमरी मार्केट में आने वाली IPO की बाढ़ है, जिसकी वैल्यू $30 बिलियन तक हो सकती है। इसके अलावा, अमेरिकी फेडरल रिजर्व (US Federal Reserve) की ब्याज दरों को लेकर अनिश्चितता और आर्टिफीसियल इंटेलिजेंस (AI) का रोजगार पर होने वाला असर बाजार की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएंगे।
अंत में, ब्रोकरेज ने यह भी साफ किया है कि बेयर-केस (bear-case) स्थिति में बाजार में 7% तक की गिरावट भी संभव है, इसलिए सावधानी के साथ लार्ज-कैप शेयरों में ही पोर्टफोलियो को मजबूत रखने में समझदारी है।
