नतीजों ने शेयर को पहुंचाया 52-हफ्ते के लो पर
Blue Jet Healthcare का स्टॉक लगातार गिरता हुआ ₹352.75 के 52-हफ्ते के निचले स्तर पर पहुंच गया है। पिछले साल गर्मी में यह स्टॉक ₹1,028.20 के शिखर पर था। यह भारी गिरावट कंपनी के तीसरी तिमाही (3QFY26) के निराशाजनक प्रदर्शन के बाद आई है, जहाँ रेवेन्यू पिछले साल की तुलना में 39.6% घटकर ₹1,924 करोड़ रह गया। शेयर अब अपने IPO प्राइस ₹346 के करीब ट्रेड कर रहा है और पिछले एक साल में लगभग 47.87% गिर चुका है।
मार्जिन में भारी गिरावट और बढ़ी लागत
कंपनी के तिमाही नतीजों में मार्जिन में भारी कमी देखी गई। ग्रॉस प्रॉफिट पिछले साल के मुकाबले 42.8% घटकर ₹99.6 करोड़ रहा, जबकि ग्रॉस प्रॉफिट मार्जिन 290 बेसिस पॉइंट्स गिरकर 51.7% हो गया। इसका मुख्य कारण इन्वेंटरी में आई कमी (destocking), कम स्वीटनर प्राइस और कच्चे माल की बढ़ी हुई लागतें रहीं। EBITDA (Earnings Before Interest, Taxes, Depreciation, and Amortisation) में तो 62.2% की भारी गिरावट आई और यह ₹46.9 करोड़ पर आ गया। EBITDA मार्जिन पिछले साल के 39.0% से घटकर 24.4% रह गया। नेट प्रॉफिट भी पिछले साल की तुलना में 59.4% घटकर ₹40.2 करोड़ रहा। फार्मास्युटिकल इंटरमीडिएट (PI) सेगमेंट में 73% की बड़ी गिरावट देखी गई, जिसका मुख्य कारण कार्डियोवस्कुलर मॉलिक्यूल बेम्पेडो एसिड (bempedoic acid) की कम बिक्री है।
सेक्टर की मजबूती, कंपनी की कमजोरी
जहां Blue Jet Healthcare ऑपरेशनल चुनौतियों से जूझ रही है, वहीं फार्मास्युटिकल इंटरमीडिएट (PI) मार्केट में मजबूत ग्रोथ का अनुमान है। ग्लोबल मार्केट का यह सेक्टर 2025 में लगभग USD 38.44 बिलियन का था और 2035 तक USD 63.04 बिलियन तक पहुंचने की उम्मीद है, यानी 5.1% का CAGR (Compound Annual Growth Rate)। कॉन्ट्रैक्ट डेवलपमेंट एंड मैन्युफैक्चरिंग ऑर्गेनाइजेशंस (CDMOs) को आउटसोर्सिंग में बढ़ोतरी और एक्टिव फार्मास्युटिकल इंग्रीडिएंट्स (APIs) की बढ़ती ग्लोबल डिमांड इसके मुख्य कारण हैं। Blue Jet Healthcare जिस कॉन्ट्रास्ट मीडिया सेगमेंट में काम करती है, उसके 2024-2030 के दौरान 7.9% CAGR से बढ़ने की उम्मीद है। Q3 FY26 में, डोमेस्टिक डिमांड और यूरोप में अच्छी ग्रोथ ने अमेरिका के प्राइसिंग प्रेशर को संतुलित किया। लेकिन Blue Jet Healthcare की अपनी दिक्कतें, जैसे destocking और सेल्स रिकग्निशन की टाइमिंग, और बेम्पेडो एसिड की कम बिक्री ने इसे सेक्टर की इस मजबूती से दूर रखा।
एनालिस्ट्स बंटे, टारगेट प्राइस में भारी कटौती
भारी गिरावट के चलते मार्केट एनालिस्ट्स की राय भी बंट गई है। Motilal Oswal ने 'BUY' रेटिंग बरकरार रखी है, लेकिन FY26-FY28 के लिए EPS (Earnings Per Share) एस्टिमेट्स में 12-22% की कटौती की है और प्राइस टारगेट को ₹750 से घटाकर ₹500 कर दिया है। ICICI Securities ने भी 'BUY' रेटिंग दी है, पर EPS एस्टिमेट्स और प्राइस टारगेट को घटाकर ₹500 कर दिया है। वहीं, Emkay Global Financial Services ने 'Reduce' रेटिंग दी है और अर्निंग एस्टिमेट्स में लगभग 25% की कटौती कर टारगेट प्राइस ₹400 कर दिया है। JPMorgan Chase ने स्टॉक को 'Underweight' पर डाउनग्रेड किया है और EPS एस्टिमेट्स में 23% तक की कटौती कर टारगेट प्राइस ₹330 कर दिया है। एनालिस्ट्स के अनुसार, 6 एनालिस्ट्स का 12-महीने का औसत प्राइस टारगेट ₹544.17 है, जो संभावित अपसाइड दिखाता है, लेकिन उम्मीदों की रेंज भी काफी चौड़ी है।
कंपनी के सामने बड़े रिस्क
'BUY' रेटिंग के बावजूद, कंपनी के सामने बड़े रिस्क बने हुए हैं। ब्रोकरेज फर्मों द्वारा अर्निंग एस्टिमेट्स में की गई भारी कटौती यह दर्शाती है कि उम्मीद के मुताबिक रिकवरी शायद देर से हो या उतनी मजबूत न हो। कंपनी का कुछ खास प्रोडक्ट्स, जैसे बेम्पेडो एसिड इंटरमीडिएट, पर बहुत ज्यादा निर्भर रहना एक बड़ी कंसंट्रेशन रिस्क है। इसके अलावा, कंपनी अगले 3-4 सालों में ₹1,300 करोड़ का बड़ा कैपिटल एक्सपेंडिचर (capex) करने वाली है, जिसमें विजाग प्लांट के लिए ₹10 अरब का निवेश शामिल है। यह तब हो रहा है जब कंपनी का मौजूदा ऑपरेशनल प्रदर्शन कमजोर है। इन बड़ी योजनाओं का एग्जीक्यूशन, साथ ही destocking और सप्लाई चेन की री-असेसमेंट की चुनौतियों से निपटना, कंपनी के लिए महत्वपूर्ण एग्जीक्यूशन रिस्क पैदा करता है। 3QFY26 में मार्जिन में आई भारी गिरावट और ऑपरेशनल अस्थिरता, भविष्य की अर्निंग ग्रोथ की स्थिरता और निवेशकों का भरोसा दोबारा जीतने की कंपनी की क्षमता पर सवाल खड़े करती है।
