Choice Institutional Equities ने Birla Corporation के लिए अपना टारगेट प्राइस घटाकर **₹1,345** कर दिया है। इसका मुख्य कारण एनर्जी की बढ़ती लागत और मध्य भारत में सीमेंट की कमजोर कीमतों को बताया जा रहा है।
Detailed Coverage
क्यों गिरी Birla Corp की टारगेट प्राइस?
Choice Institutional Equities ने Birla Corporation के शेयर के लिए अपना टारगेट प्राइस ₹1,490 से घटाकर ₹1,345 प्रति शेयर कर दिया है। ब्रोकरेज फर्म ने कंपनी की कमाई के अनुमानों में भी कटौती की है। फाइनेंशियल ईयर 2027 के लिए अनुमान 5.6% और फाइनेंशियल ईयर 2028 के लिए 2.6% घटाए गए हैं।
लागत का बढ़ता बोझ
इस कटौती का सबसे बड़ा कारण कंपनी की ऑपरेटिंग कॉस्ट में हो रही बढ़ोतरी है। एनालिस्ट्स का अनुमान है कि फाइनेंशियल ईयर 2027 की दूसरी तिमाही में कंपनी की एनर्जी कॉस्ट में ₹70 से ₹80 प्रति टन की बढ़ोतरी हो सकती है। यह वृद्धि ग्लोबल भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं के कारण ईंधन और एनर्जी की कीमतों में आई तेजी से जुड़ी है।
कीमतें बढ़ाने में दिक्कत
Birla Corporation के सामने इन बढ़ी हुई लागतों को ग्राहकों पर डालने की एक बड़ी चुनौती है। कंपनी अपने कुल वॉल्यूम का लगभग 85% ब्लेंडेड सीमेंट से और करीब 80% सेल्स ट्रेड सेगमेंट से करती है। मध्य भारत में सीमेंट की कीमतों में मौजूदा कमजोरी को देखते हुए, कंपनी के पास मार्केट शेयर खोने का जोखिम उठाए बिना अपने प्रोडक्ट की कीमतों को बढ़ाने की बहुत सीमित गुंजाइश है। नतीजतन, ब्रोकरेज का अनुमान है कि दूसरी तिमाही में नेट कॉस्ट में ₹55 प्रति टन का इजाफा होगा, जिससे EBITDA प्रति टन लगभग ₹675 पर रहने की उम्मीद है।
हालांकि टारगेट प्राइस में कटौती की गई है, लेकिन फर्म का कंपनी की लॉन्ग-टर्म संभावनाओं पर सकारात्मक नजरिया बना हुआ है। लेकिन, निवेशकों का ध्यान आगामी तिमाही नतीजों के दौरान कंपनी द्वारा इन लागत दबावों के प्रबंधन पर रहेगा। आने वाले महीनों में प्रति टन लाभप्रदता में सुधार के संकेतों के लिए खर्चों को नियंत्रित करने और क्षेत्रीय सीमेंट कीमतों में किसी भी संभावित रिकवरी पर नजर रखना महत्वपूर्ण होगा।
