ब्रोकरेज फर्म Motilal Oswal ने Birla Corporation पर अपना भरोसा बरकरार रखा है और शेयर के लिए **₹1,100** का टारगेट दिया है। कंपनी के Q2 नतीजे मिले-जुले रहे हैं, जिसमें रेवेन्यू में **9%** की ग्रोथ दिखी है, लेकिन मार्जिन पर दबाव साफ है।
मुनाफे पर क्यों है दबाव?
Motilal Oswal ने Birla Corporation पर अपना बुलिश रुख कायम रखा है। कंपनी ने Q2 में ₹24.2 बिलियन का रेवेन्यू दर्ज किया, जो सालाना आधार पर 9% ज्यादा है। हालांकि, सेल्स वॉल्यूम में 7% की बढ़ोतरी (4.5 मिलियन टन) के बावजूद, कंपनी का EBITDA 25% गिरकर ₹2.3 बिलियन पर आ गया है। कंपनी के ऑपरेटिंग मार्जिन में 4.4% की बड़ी गिरावट आई है, जो अब लगभग 9% के स्तर पर है। इसकी मुख्य वजह क्लिंकर, बिजली और ईंधन की बढ़ती लागत है, जिसे कंपनी ग्राहकों पर शिफ्ट नहीं कर पा रही है।
कर्ज का गणित और चुनौतियां
ब्रोकरेज रिपोर्ट में कंपनी के बढ़ते कर्ज (Debt) को लेकर चेतावनी दी गई है। फाइनेंशियल ईयर 2028 तक नेट डेट ₹29.3 बिलियन तक पहुंचने का अनुमान है, जो 2026 में ₹20.8 बिलियन था। इससे कंपनी का डेट-टू-EBITDA रेशियो 1.4x से बढ़कर 1.9x हो सकता है। इसके अलावा, महाराष्ट्र और राजस्थान में सूखे के हालात और यूपी चुनाव के कारण सीमेंट की डिमांड प्रभावित होने का भी रिस्क बना हुआ है।
ब्रोकरेज क्यों है पॉजिटिव?
इतने रिस्क के बावजूद Motilal Oswal ने स्टॉक को आकर्षक माना है। कंपनी का मौजूदा वैल्यूएशन (EV/EBITDA मल्टीपल) इसके लॉन्ग-टर्म औसत 8.4x के मुकाबले काफी सस्ता है। कंपनी ग्रीन एनर्जी और अपनी Bikram कोल माइन से प्रोडक्शन बढ़ाकर लागत कम करने की कोशिश में है। आने वाले समय में निवेशकों के लिए यह देखना अहम होगा कि कंपनी प्रति टन सीमेंट मुनाफे (जो 30% गिरकर ₹502 रह गया है) को कैसे सुधारती है।
