गिरावट के बावजूद एनालिस्ट्स का भरोसा कायम
Bikaji Foods International के शेयर में भले ही इस साल 18% की गिरावट आई हो, लेकिन ब्रोकरेज हाउस Motilal Oswal Financial Services और बाकी एनालिस्ट्स का भरोसा अभी भी कायम है। Motilal Oswal ने शेयर के लिए ₹900 का टारगेट प्राइस सेट किया है, जो मौजूदा लेवल से 46% तक की तेजी का संकेत देता है। वहीं, 8 एनालिस्ट्स का कुल मिलाकर कहना है कि यह स्टॉक 'Strong Buy' है, और वे औसतन ₹827.38 का 12 महीने का टारगेट प्राइस दे रहे हैं। यह मौजूदा ट्रेडिंग लेवल ₹614-₹630 से 30% से ज्यादा का अपसाइड दिखाता है। यह पॉजिटिव एनालिस्ट सेंटीमेंट शेयर के हालिया प्रदर्शन के बिल्कुल उलट है, क्योंकि Bikaji Foods के शेयर साल-दर-तारीख 18% टूट चुके हैं, जो Nifty 50 के 7.2% के फॉल से कहीं ज्यादा है। शेयर अपने 52-हफ्ते के हाई ₹818.70 और लो ₹600 के बीच कारोबार कर रहा है।
नई रेंज और बाजारों में विस्तार से ग्रोथ की उम्मीद
कंपनी की ग्रोथ स्ट्रेटेजी आक्रामक है, जिसमें वेस्टर्न स्नैक्स, कुकीज और फ्रोजन फूड्स जैसे नए प्रोडक्ट्स को लॉन्च करना शामिल है। इसे शहरी और ग्रामीण बाजारों में डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क को मजबूत करके सपोर्ट किया जा रहा है। Bikaji 'हाउस ऑफ ब्रांड्स' अप्रोच अपना रही है, जिसे The Hazelnut Factory और Ariba Foods में निवेश के साथ-साथ नेपाल की चौधरी ग्रुप के साथ पार्टनरशिप से और मजबूती मिली है। कंपनी की मौजूदा प्रोडक्शन कैपेसिटी करीब 3,25,320 मीट्रिक टन है, जिसका यूटिलाइजेशन 46-48% पर है। मैनेजमेंट को उम्मीद है कि अगले 3-4 सालों में यह आंकड़ा बढ़कर 70% तक पहुंच जाएगा, जो प्रोडक्शन बढ़ाने की अच्छी गुंजाइश दिखाता है। Motilal Oswal का अनुमान है कि FY25 से FY28 के बीच रेवेन्यू में 15%, EBITDA में 29% और नेट प्रॉफिट में 39% की कंपाउंड एनुअल ग्रोथ रेट (CAGR) देखने को मिल सकती है।
हाई वैल्यूएशन बनी चिंता का सबब
ग्रोथ की अच्छी संभावनाओं और एनालिस्ट्स की तरफ से मिले समर्थन के बावजूद, Bikaji Foods का वैल्यूएशन (Valuation) एक बड़ी चिंता का विषय है। इसका प्राइस-टू-अर्निंग्स (P/E) रेशियो अक्सर 61.5x से 82.47x के बीच देखा जाता है, जिससे यह महंगा लग रहा है। इसकी तुलना में, प्रमुख प्रतिस्पर्धियों जैसे ITC का P/E लगभग 16.5x और PepsiCo का 26.7x से 28.3x के दायरे में है। कुछ विश्लेषणों में यह भी कहा गया है कि Bikaji का हाई अर्निंग्स मल्टीपल और बैलेंस शीट साइज व कैश फ्लो को देखते हुए यह वैल्यूएशन बहुत ज्यादा है। यह प्रीमियम वैल्यूएशन सेल्स प्रोजेक्शन में आई गिरावट और पिछले चार महीनों में एनालिस्ट प्राइस टारगेट में हुई कटौती के विपरीत है।
निवेशकों के लिए मुख्य जोखिम
Bikaji Foods के निवेशकों के लिए मुख्य जोखिमों में कंपनी का मुख्य बाजारों पर बहुत ज्यादा निर्भर होना और नए प्रतिस्पर्धियों का बाजार में प्रवेश करना शामिल है, खासकर राजस्थान जैसे इलाकों में। भारतीय नमकीन स्नैक मार्केट बेहद कॉम्पिटिटिव है, जिसमें Haldiram's जैसी कंपनियां 40% से ज्यादा मार्केट शेयर रखती हैं। इसके अलावा, ITC, PepsiCo, और Prataap Snacks भी मजबूत खिलाड़ी हैं। कंपनी की 50% से कम कैपेसिटी यूटिलाइजेशन को चार साल में 70% तक ले जाने के लिए लगातार डिमांड और कुशल एग्जीक्यूशन की जरूरत होगी, ताकि मौजूदा हाई वैल्यूएशन को सही ठहराया जा सके। साथ ही, यह भी ध्यान देने वाली बात है कि कंपनी ने अतीत में भी बिक्री के अनुमानों और एनालिस्ट प्राइस टारगेट में कटौती की है।