Bernstein की चेतावनी: ऑटो सेक्टर में अब आ सकती है सुस्ती, FY28 तक मुश्किल में डिमांड

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AuthorMehul Desai|Published at:
Bernstein की चेतावनी: ऑटो सेक्टर में अब आ सकती है सुस्ती, FY28 तक मुश्किल में डिमांड

Bernstein के एनालिस्ट्स का मानना है कि पैसेंजर व्हीकल सेल्स में आई **22%** की उछाल असल में सिर्फ टैक्स बदलावों का असर थी। कीमतों में बढ़ोतरी के चलते अब डिमांड कम हो रही है, जिससे FY27 की दूसरी छमाही में ग्रोथ थमने और FY28 में गिरावट आने की आशंका है।

भारतीय पैसेंजर व्हीकल सेक्टर, जिसने अक्टूबर 2025 से सितंबर 2026 के बीच 22% की सेल्स ग्रोथ देखी थी, अब मंदी की ओर बढ़ रहा है। Bernstein की रिपोर्ट के अनुसार, यह ग्रोथ पूरी तरह से ऑर्गेनिक नहीं थी, बल्कि सितंबर 2025 में हुई जीएसटी (GST) कटौती का एक अस्थायी असर थी।

डिमांड का गणित

एनालिस्ट्स का अनुमान है कि रिपोर्ट की गई ग्रोथ का केवल 45% हिस्सा ही वास्तविक डिमांड है। बाकी का हिस्सा 'पुल-फॉरवर्ड' डिमांड है, यानी ग्राहकों ने टैक्स छूट का फायदा उठाने के लिए समय से पहले खरीदारी कर ली थी। इसके अलावा, ऑटो कंपनियों द्वारा की गई आक्रामक प्राइस हाइक (Price Hikes) ने टैक्स बचत के असर को आधा कर दिया है, जिससे आम खरीदार के लिए गाड़ियां अब महंगी हो गई हैं।

कंपनियों पर असर

इस दौर में कंपनियों की स्थिति अलग-अलग है। Mahindra & Mahindra को मजबूत SUV पोर्टफोलियो के कारण बेहतर स्थिति में देखा जा रहा है, जो इंडस्ट्री की सुस्ती के बावजूद अपनी मार्केट शेयर बनाए रखने में सक्षम है।

इसके उलट, Maruti Suzuki के लिए चुनौतियां बढ़ रही हैं। कंपनी का ज्यादा फोकस मास-मार्केट सेगमेंट पर है, जो ग्राहकों की खर्च करने की क्षमता के प्रति बेहद संवेदनशील है। कीमतों में बढ़ोतरी के चलते इस सेगमेंट पर दबाव अधिक है। कंपनी को अब इन्वेंट्री मैनेजमेंट और एक्सपोर्ट पर ज्यादा जोर देना होगा।

आगे की राह

FY27 की दूसरी छमाही में वॉल्यूम स्थिर रहने की उम्मीद है, जबकि FY28 में 1.4% तक की गिरावट आ सकती है। हालांकि, इसे लॉन्ग-टर्म मंदी नहीं बल्कि एक साइक्लिकल कूलिंग-ऑफ माना जा रहा है। लॉन्ग-टर्म में FY25 से FY28 के बीच 6.2% की कंपाउंड एनुअल ग्रोथ रेट (CAGR) का अनुमान बरकरार है। निवेशकों को अब मार्जिन और इन्वेंट्री लेवल पर नजर रखनी चाहिए, क्योंकि रिकवरी के लिए FY29 में सरकारी वेतन संशोधन का इंतजार करना पड़ सकता है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.