वेंचर कैपिटल फर्म Benchmark Partners ने **$2 बिलियन** का नया फंड जुटाया है। अब यह फर्म अपना पूरा ध्यान AI स्टार्टअप्स में मची अंधी दौड़ से हटाकर लॉन्ग-टर्म वैल्यू की ओर ले जाने की तैयारी में है।
दुनिया भर के निवेशक और टेक स्टार्टअप्स अब TechCrunch Disrupt 2026 की ओर देख रहे हैं, जहां Benchmark Partners अपनी नई इनवेस्टमेंट रणनीति का खुलासा करने जा रही है। फर्म ने हाल ही में $2 बिलियन का फंड जुटाया है, जिसमें $750 मिलियन का फ्लैगशिप फंड और $1.25 बिलियन का ग्रोथ व्हीकल शामिल है।
AI में फंसा 'अंधा पैसा'?
OECD के आंकड़ों के मुताबिक, साल 2025 में दुनिया भर में हुए वेंचर इन्वेस्टमेंट का 61% हिस्सा यानी करीब $258.7 बिलियन सिर्फ AI कंपनियों में झोंक दिया गया। हैरानी की बात यह है कि इसमें से 73% पैसा उन बड़े डील्स में गया है, जिनका साइज $100 मिलियन से अधिक है। मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना है कि इतनी ज्यादा कंसंट्रेशन का मतलब है कि पैसा सिर्फ चुनिंदा कंपनियों के पास जा रहा है, जिसे Benchmark चुनौती देने वाली है।
पार्टनर्स का नया नजरिया
फर्म के पार्टनर्स—Jack Altman, Peter Fenton, Chetan Puttagunta, Everett Randle और Eric Vishria—का मानना है कि आज की 'हाइप साइकिल' से हटकर प्रोप्रायटरी डेटा, इंफ्रास्ट्रक्चर और डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क में असली वैल्यू छिपी है। याद रहे, यही वह फर्म है जिसने Cerebras Systems जैसी कंपनियों पर अनकंवेंशनल दांव लगाकर बड़ा मुनाफा कमाया था।
भारतीय निवेशकों के लिए क्या हैं मायने?
जब दिग्गज VC फर्म्स AI की वैल्यूएशन पर सवाल उठाती हैं, तो इसका असर ग्लोबल टेक मार्केट पर दिखना तय है। भारतीय स्टार्टअप इकोसिस्टम पर भी इसका सीधा असर पड़ सकता है, क्योंकि ग्लोबल फंडिंग का रुख बदलने से स्टार्टअप्स की वैल्यूएशन और फंडरेजिंग में बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं।
