मुनाफे में उछाल की वजह क्या?
इस बार Bandhan Bank के नतीजों में सबसे खास बात रहा नेट इंटरेस्ट मार्जिन (NIM) का विस्तार। बैंक का NIM पिछली तिमाही से 30 बेसिस पॉइंट सुधरकर 6.2% पर पहुँच गया। इसकी वजह बैंक की फंडिंग कॉस्ट में 20 बेसिस पॉइंट की कमी और लोन यील्ड में 10 बेसिस पॉइंट का इज़ाफ़ा है। लागत प्रबंधन और बेहतर यील्ड के चलते बैंक की कमाई (Profitability) बढ़ी है।
तिमाही नतीजे और बाज़ार की प्रतिक्रिया
Bandhan Bank ने फाइनेंशियल ईयर 2026 की चौथी तिमाही (Q4FY26) में 68% की ज़बरदस्त सालाना ग्रोथ के साथ ₹530 करोड़ (INR 5.3 billion) का नेट प्रॉफ़िट दर्ज किया, जो बाज़ार के अनुमानों को 32% तक पीछे छोड़ गया। बैंक का नेट इंटरेस्ट इनकम (Net Interest Income) भी तिमाही-दर-तिमाही 4% बढ़कर ₹2,790 करोड़ (INR 27.9 billion) रहा। इन शानदार नतीजों की घोषणा 29 अप्रैल 2026 को हुई, जिसके बाद शेयर में करीब 10.5% का उछाल आया और यह ₹197.52 के 52-हफ़्ते के उच्चतम स्तर पर पहुँच गया। ट्रेडर्स की भारी दिलचस्पी के चलते 90.70 मिलियन से ज़्यादा शेयर ट्रेड हुए।
सेक्टर में तुलना और वैल्यूएशन
अन्य स्मॉल फाइनेंस बैंकों की तुलना में Bandhan Bank का वैल्यूएशन मिला-जुला है। इसका पिछला बारह महीनों का P/E रेश्यो करीब 28.5x है, जो Ujjivan Small Finance Bank के 22.65x से ज़्यादा, लेकिन AU Small Finance Bank के 33.76x से कम है। Equitas Small Finance Bank का P/E फिलहाल नेगेटिव है। Bandhan Bank का अनुमान है कि FY27-28 तक उसका रिटर्न ऑन एसेट्स (RoA) बढ़कर 1.3% से 1.5% हो जाएगा, जबकि AU Small Finance Bank का RoA लगातार 2% से ऊपर रहता है।
एनालिस्ट्स की राय और टारगेट
ब्रोकरेज फर्म्स (Brokerage Firms) का कहना है कि बैंक की रिकवरी (Recovery) मजबूत दिख रही है। Motilal Oswal ने 'Buy' रेटिंग को जारी रखते हुए टारगेट प्राइस ₹210 कर दिया है। वे उम्मीद करते हैं कि बैंक का RoA FY27-28 तक सुधरकर 1.3% से 1.5% के बीच रहेगा। Emkay और JM Financial जैसी फर्मों ने भी क्रमशः ₹220 और ₹200 का टारगेट दिया है, जो आगे की ग्रोथ की ओर इशारा करता है।
चिंताएं और चुनौतियां
प्रॉफ़िट में उछाल के बावजूद, कुछ चिंताएं बनी हुई हैं। बैंक के ग्रॉस नॉन-परफॉर्मिंग एसेट्स (GNPA) सुधरकर 3.27% पर आ गए हैं (जो एक साल पहले 4.71% थे), लेकिन यह अभी भी उद्योग के औसत से कुछ ऊपर है। बैंक ₹6,931 करोड़ के स्ट्रेस्ड एसेट्स को बेचने की तैयारी कर रहा है। NIM 6.2% है, जो पिछले साल के 6.7% से कम है। साथ ही, सीएएसए (CASA) रेश्यो का घटकर 29% रह जाना भविष्य में फंडिंग कॉस्ट को बढ़ा सकता है।
भविष्य का आउटलुक
कुल मिलाकर, एनालिस्ट्स का झुकाव बैंक के पक्ष में है, लेकिन निवेशकों की नज़र बैंक की एसेट क्वालिटी को संभालने, NIM ग्रोथ को बनाए रखने और कॉम्पिटिशन के माहौल में अपनी स्थिति मजबूत करने की क्षमता पर रहेगी।
