Bajaj Finserv Mutual Fund के CIO निमेश चंदन का मानना है कि मैन्युफैक्चरिंग एक्सपोर्ट सेक्टर बाजार में फिलहाल कम आंका गया है। ट्रैक की गई **75%** कंपनियां उम्मीद से बेहतर प्रदर्शन कर रही हैं।
Bajaj Finserv Asset Management के CIO निमेश चंदन ने कहा है कि भारतीय मैन्युफैक्चरिंग एक्सपोर्ट सेक्टर के प्रदर्शन और बाजार के नजरिए के बीच एक बड़ा अंतर है। फंड हाउस की 400 कंपनियों के इंटरनल एनालिसिस से पता चला है कि 75% फर्में उम्मीदों से बेहतर कमाई कर रही हैं। यह मुनाफा पिछले 6 तिमाहियों की तुलना में काफी बेहतर है।
पोर्टफोलियो बनाने की रणनीति
फंड हाउस मार्केट कैप के आधार पर अलग-अलग एप्रोच अपनाने की सलाह दे रहा है। स्ट्रैटेजी के तहत 30 हाई-कनविक्शन लार्ज-कैप शेयरों का एक कंसंट्रेटेड पोर्टफोलियो बनाया जा रहा है, जबकि स्मॉल-कैप में रिस्क को मैनेज करने के लिए 95 कंपनियों की एक बड़ी बास्केट तैयार की गई है। वहीं, मिड-कैप शेयरों को लेकर फर्म काफी सतर्क है, क्योंकि इनकी बढ़ी हुई वैल्यूएशन आगे चलकर रिटर्न को सीमित कर सकती है।
कहाँ छिपा है असली वैल्यू?
CIO के अनुसार, डेटा सेंटर इंफ्रास्ट्रक्चर, रोबोटिक्स और फिजिकल AI जैसे सेक्टर फिलहाल अंडरवैल्यूड हैं। इसके उलट, डिफेंस और पावर इक्विपमेंट जैसे हॉट सेक्टर्स से निवेशकों को संभलकर रहना चाहिए, क्योंकि इनकी वैल्यूएशन काफी स्ट्रेच्ड है।
बैंकिंग और IT पर क्या है राय?
प्राइवेट सेक्टर बैंकों को लेकर नजरिया बदला है। वैल्युएशन कम्प्रेशन के चलते बड़े प्राइवेट लेंडर्स अब खरीदारी के लिए आकर्षक लग रहे हैं। दूसरी ओर, IT सेक्टर अभी भी पोर्टफोलियो में अंडरवेट है, क्योंकि फिलहाल वहां कमाई बढ़ने के कोई स्पष्ट संकेत नहीं दिख रहे हैं।
मार्केट वोलेटिलिटी का सामना कैसे करें?
जियोपॉलिटिकल तनाव और महंगाई के दौर में मार्केट में उतार-चढ़ाव बना रहेगा। निवेशकों को सलाह दी गई है कि वे बाजार को टाइम करने की कोशिश न करें, बल्कि सिस्टेमेटिक इन्वेस्टमेंट प्लान यानी SIP के जरिए निवेश को जारी रखें।
