Bajaj Finserv 52-Week Low पर, Motilal Oswal ने दी 'Buy' रेटिंग, टारगेट ₹2,490

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AuthorKaran Malhotra|Published at:
Bajaj Finserv 52-Week Low पर, Motilal Oswal ने दी 'Buy' रेटिंग, टारगेट ₹2,490

Bajaj Finserv के शेयर आज **₹1,990.25** के 52-सप्ताह के निचले स्तर पर पहुंच गए। हालांकि, ब्रोकरेज फर्म Motilal Oswal ने कंपनी की लंबी अवधि की ग्रोथ पर भरोसा जताते हुए 'Buy' रेटिंग बरकरार रखी है और टारगेट प्राइस **₹2,490** तय किया है।

शेयर क्यों गिरे?

18 अगस्त, 2026 को Bajaj Finserv के शेयर ₹1,990.25 के स्तर को छूकर अपने 52-सप्ताह के निचले स्तर पर आ गए। यह गिरावट बाजार की मौजूदा उठापटक को दर्शाती है।

ब्रोकरेज की रणनीति

बाजार की इस कमजोरी के बावजूद, Motilal Oswal Financial Services ने इस स्टॉक पर अपना भरोसा बनाए रखा है। ब्रोकरेज फर्म ने 'Buy' रेटिंग को कायम रखते हुए शेयर के लिए ₹2,490 का टारगेट प्राइस तय किया है। यह राय कंपनी के विभिन्न बिजनेस सेगमेंट्स, जैसे कि लेंडिंग, इंश्योरेंस और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के वैल्यूएशन पर आधारित है।

क्यों है ब्रोकरेज बुलिश?

Motilal Oswal कंपनी की डाइवर्सिफाइड ग्रोथ स्ट्रेटेजी को लेकर पॉजिटिव है। इसका मुख्य कारण Bajaj Finance से मजबूत अर्निंग ग्रोथ की उम्मीद है। वहीं, कंपनी का इंश्योरेंस बिजनेस भी बेहतर प्रॉफिटेबिलिटी के लिए हाई-वैल्यू प्रोडक्ट्स पर फोकस कर रहा है। इसके अलावा, नए डिजिटल वेंचर्स का लगातार विस्तार भी कंपनी के वैल्यू में इजाफा कर सकता है।

नतीजों का लेखा-जोखा

Financial Year 2027 की पहली तिमाही में Bajaj Finserv ने सालाना आधार पर 12% का नेट प्रॉफिट ग्रोथ दर्ज किया, जो इसके कोर ऑपरेशंस की मजबूती दिखाता है। फंड की जरूरतों को पूरा करने के लिए, कंपनी की मुख्य सब्सिडियरी Bajaj Finance समय-समय पर कैपिटल रेज करती रहती है। 18 अगस्त, 2026 को Bajaj Finance ने ₹498.22 करोड़ के सिक्योर्ड नॉन-कन्वर्टिबल डिबेंचर्स (NCDs) अलॉट किए। ये 7.79% कूपन रेट पर जारी किए गए थे और इनकी मैच्योरिटी 2036 में होगी।

सेक्टर के जोखिम

ब्रोकरेज का पॉजिटिव आउटलुक होने के बावजूद, निवेशकों को सेक्टर से जुड़े कुछ जोखिमों पर भी गौर करना चाहिए। इंश्योरेंस सेगमेंट में रेगुलेटरी बदलावों को लेकर अनिश्चितता है, खासकर सरेंडर वैल्यू नॉर्म्स को लेकर, जो शॉर्ट-टर्म परफॉर्मेंस को प्रभावित कर सकते हैं। इसके अलावा, जनरल इंश्योरेंस बिजनेस प्राइसिंग प्रेशर का सामना कर रहा है, विशेष रूप से मोटर इंश्योरेंस कैटेगरी में। मैक्रो इकोनॉमिक लेवल पर, बॉरोइंग कॉस्ट में उतार-चढ़ाव और डेट मार्केट लिक्विडिटी भी नॉन-बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनियों (NBFCs) को प्रभावित कर सकती है।

निवेशकों को कंपनी की रेगुलेटरी और प्राइसिंग चुनौतियों से निपटने की क्षमता, साथ ही डिजिटल वेंचर्स की प्रगति पर नजर रखनी चाहिए। आगे का रास्ता इस बात पर निर्भर करेगा कि कंपनी इंश्योरेंस में अपने प्रॉफिट मार्जिन को बनाए रख पाती है या नहीं, साथ ही इंटरेस्ट रेट और बॉरोइंग कॉस्ट की वोलेटिलिटी को भी मैनेज करती है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.