Bajaj Finance के शेयरों में 23 सितंबर को **3%** की बढ़त देखी गई। यह तेजी ग्लोबल ब्रोकरेज फर्म UBS द्वारा स्टॉक की रेटिंग 'सेल' से 'न्यूट्रल' करने के बाद आई है। बाजार की नजरें अब इस पर टिकी हैं कि कंपनी अपनी आक्रामक ग्रोथ और प्रीमियम वैल्युएशन के बीच संतुलन कैसे बनाती है।
ब्रोकरेज ने बदली अपनी चाल
23 सितंबर को Bajaj Finance के शेयर में आई तेजी के साथ यह ₹1,041 के इंट्राडे हाई पर पहुंच गया। UBS ने अपनी पुरानी 'सेल' रेटिंग को हटाकर इसे 'न्यूट्रल' कर दिया है और टारगेट प्राइस को ₹910 से बढ़ाकर ₹1,100 कर दिया है। यह बदलाव NBFC सेक्टर में अनसिक्योर्ड लोन के नए दौर को देखते हुए किया गया है।
क्यों बढ़ रहा है भरोसा?
UBS के एनालिस्ट्स का मानना है कि NBFCs में पर्सनल लोन की ग्रोथ आने वाले समय में ट्रेडिशनल बैंकों से बेहतर रह सकती है। सोने की कीमतों में स्थिरता के चलते अब गोल्ड लोन के बजाय पर्सनल लोन की मांग बढ़ने की उम्मीद है, जिसका फायदा Bajaj Finance जैसे बड़े खिलाड़ियों को होगा।
ग्रोथ बनाम रिस्क
हालांकि UBS ने आउटलुक बदला है, लेकिन कंपनी का प्रीमियम वैल्युएशन अभी भी चर्चा का विषय है। कंपनी का लक्ष्य अगले एक दशक में एसेट अंडर मैनेजमेंट (AUM) में 23% की कंपाउंड एनुअल ग्रोथ रेट बनाए रखना है। इस बीच, Reserve Bank of India (RBI) द्वारा अनसिक्योर्ड लोन पर कड़े नियमों के चलते एसेट क्वालिटी को मेंटेन करना कंपनी के लिए बड़ी चुनौती होगी।
मार्केट एक्सपर्ट्स की राय
बाजार में मिली-जुली राय बनी हुई है। जहां UBS अब 'न्यूट्रल' है, वहीं Jefferies ने स्टॉक पर 'बाय' रेटिंग बरकरार रखी है और ₹1,280 का टारगेट दिया है। निवेशकों को अब कंपनी के आगामी नतीजों का इंतजार है, ताकि यह साफ हो सके कि ग्रोथ और मार्जिन का संतुलन कैसे बना रहता है।
