Bajaj Finance Share Price: ICICI Securities ने बढ़ाया लक्ष्य, ₹1,250 तक पहुंचने के आसार

BROKERAGE-REPORTS
Whalesbook Logo
AuthorAditi Chauhan|Published at:
Bajaj Finance Share Price: ICICI Securities ने बढ़ाया लक्ष्य, ₹1,250 तक पहुंचने के आसार

ICICI Securities ने Bajaj Finance पर अपना भरोसा बढ़ाया है और स्टॉक को 'Buy' रेटिंग के साथ **₹1,250** का नया टारगेट प्राइस दिया है। ब्रोकरेज फर्म का मानना है कि कंपनी के Q1FY27 के नतीजे काफी मजबूत रहे हैं और एसेट क्वालिटी में भी सुधार देखने को मिला है, जो कि एक पॉजिटिव संकेत है।

क्यों बदला ब्रोकरेज का नज़रिया?

ICICI Securities ने Bajaj Finance के लिए अपने पिछले टारगेट ₹1,000 से बढ़ाकर ₹1,250 कर दिया है। इस अपग्रेड के पीछे मुख्य वजह कंपनी की एसेट्स अंडर मैनेजमेंट (AUM) में शानदार ग्रोथ और उम्मीद से बेहतर क्रेडिट कॉस्ट (Credit Cost) को बताया गया है।

AUM ग्रोथ और क्रेडिट कॉस्ट पर खास नज़र

Bajaj Finance ने पहली तिमाही में 1.54% का क्रेडिट कॉस्ट दर्ज किया। हालांकि, ₹3 बिलियन के मैक्रो इकोनॉमिक प्रोविज़न (Macroeconomic Provision) को एडजस्ट करने के बाद, यह कॉस्ट घटकर 1.31% रह जाती है। यह आंकड़ा कंपनी के पूरे साल के अनुमान 145 से 160 बेसिस पॉइंट्स से काफी कम है, जो कंपनी की एसेट क्वालिटी की मजबूती को दर्शाता है।

कंपनी का मैनेजमेंट इस बात का संकेत दे रहा है कि अगर मौजूदा ट्रेंड दूसरी तिमाही में भी जारी रहता है, तो AUM ग्रोथ गाइडेंस, जो फिलहाल 22% से 24% है, उसे बढ़ाया जा सकता है। इसके अलावा, कंपनी के पोर्टफोलियो में स्ट्रेस (Portfolio Stress) भी प्री-पेंडेमिक लेवल पर या उससे नीचे बना हुआ है।

वैल्यूएशन और सब्सिडियरी का क्या है रोल?

ब्रोकरेज ने स्टैंडअलोन बिज़नेस को FY28 के लिए 5 गुना प्राइस-टू-बुक रेशियो (Price-to-Book Ratio) पर वैल्यू किया है, जो पहले 4.5 गुना था। साथ ही, कंपनी की हाउसिंग सब्सिडियरी (Housing Subsidiary) को 20% होल्डिंग कंपनी डिस्काउंट (Holding Company Discount) के बाद ₹114 प्रति शेयर का वैल्यूएशन दिया गया है।

हालांकि, यह अपग्रेड सकारात्मक है, लेकिन निवेशकों को यह ध्यान रखना चाहिए कि बदलती ब्याज दरों के माहौल में क्रेडिट कॉस्ट का प्रबंधन और लोन की मांग बनाए रखना कंपनी के लिए महत्वपूर्ण होगा। नॉन-बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनियों (NBFCs) के लिए यह एक प्रतिस्पर्धी क्षेत्र है, जहां उधारी लागत में बदलाव या रेगुलेटरी नियमों का असर मार्जिन पर पड़ सकता है।

आने वाले समय में, AUM ग्रोथ टारगेट और क्रेडिट कॉस्ट के स्थिर रहने पर मैनेजमेंट की तरफ से आने वाले अपडेट्स पर निवेशकों की पैनी नज़र रहेगी।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.