Bajaj Finance ने साल-दर-साल आधार पर अपने एसेट्स अंडर मैनेजमेंट (AUM) में **24%** की शानदार बढ़ोतरी दर्ज की है, जो अब **₹5,469.4 बिलियन** (या **₹5.47 लाख करोड़**) पर पहुंच गया है। यह ग्रोथ कंपनी के मजबूत मॉर्गेज और कंज्यूमर लेंडिंग सेगमेंट की बदौलत संभव हुई है।
ग्रोथ के पीछे की कहानी
Bajaj Finance अपने लेंडिंग पोर्टफोलियो का लगातार विस्तार कर रही है। कंपनी का AUM बढ़कर ₹5,469.4 बिलियन हो गया है, जो पिछले साल की तुलना में 24% ज्यादा है। यह बढ़ोतरी कंपनी के मॉर्गेज, अर्बन और रूरल कंज्यूमर फाइनेंस में अपनी पहुंच बढ़ाने के प्रयासों को दर्शाती है।
भविष्य की राह और उम्मीदें
कंपनी की लोन बुक को बढ़ाने में उसके डिस्ट्रिब्यूशन नेटवर्क और फिनएआई (FINAI) जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म की अहम भूमिका है। फिलहाल मॉर्गेज और कंज्यूमर सेगमेंट ग्रोथ को लीड कर रहे हैं। मैनेजमेंट अगले फाइनेंशियल ईयर की तीसरी तिमाही से MSME लोन कैटेगरी में रिकवरी की उम्मीद कर रहा है। अनुमान है कि FY27 और FY28 में कंपनी 23-24% की दहाई अंकों की ग्रोथ बनाए रखेगी। इस रफ्तार को बनाए रखने के लिए कंपनी को फंड की लागत (Cost of Funds) को स्थिर रखना होगा, जो सीधे तौर पर उसके मार्जिन को प्रभावित करती है।
मार्जिन और ऑपरेशनल हेल्थ
कंपनी का नेट इंटरेस्ट मार्जिन (NIM) करीब 9.6% पर स्थिर बना हुआ है। यह निवेशकों के लिए एक महत्वपूर्ण आंकड़ा है, क्योंकि यह ब्याज दरों में उतार-चढ़ाव के बीच कंपनी की कुशलता को दर्शाता है। उम्मीद है कि अगले फाइनेंशियल ईयर में ऑपरेटिंग एक्सपेंसेस में करीब 30 बेसिस पॉइंट की कमी आएगी, जिससे प्रॉफिटेबिलिटी में सुधार हो सकता है।
एसेट क्वालिटी और अहम बिंदु
लोन चुकाने की कंपनी की क्षमता, यानी एसेट क्वालिटी (Asset Quality), में लगातार सुधार देखा जा रहा है। हालिया लोन बुक्स अच्छा प्रदर्शन कर रही हैं, जिसके चलते FY27 के लिए क्रेडिट कॉस्ट (Credit Cost) लगभग 1.6% रहने का अनुमान है। क्रेडिट कॉस्ट वह राशि है जिसे लेंडर डूबत लोन के संभावित नुकसान को कवर करने के लिए अलग रखता है। हालांकि, भविष्य की राह स्थिर दिख रही है, लेकिन निवेशकों को कुछ मुख्य बातों पर नजर रखनी होगी: नॉन-बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनियों (NBFCs) के लिए रेगुलेटरी माहौल में बदलाव, ब्याज दर चक्रों का उधार की लागत पर असर, और MSME लोन सेगमेंट में रिकवरी का असल अमल।
