बाजार में इस समय खास तरह का माहौल बना हुआ है। एक तरफ तो कच्चे तेल की कीमतें $115 प्रति बैरल के ऊपर निकल गई हैं, जिससे महंगाई बढ़ने और भारत के करंट अकाउंट डेफिसिट (CAD) पर असर पड़ने की चिंताएं बढ़ गई हैं।
दूसरी ओर, अमेरिकी फेडरल रिजर्व (US Federal Reserve) ने लगातार दूसरी बार ब्याज दरों को 3.50%-3.75% के दायरे में स्थिर रखा है। अनिश्चितता को देखते हुए, अब बाजार को उम्मीद है कि इस साल शायद केवल एक ही बार ब्याज दरें कम होंगी, जो पहले की उम्मीदों से काफी कम है।
इन वैश्विक संकेतों का असर भारतीय बाजारों पर भी दिख रहा है। निफ्टी (Nifty) लगातार निचले स्तरों पर कारोबार कर रहा है, सपोर्ट 22,950 के आसपास है और रेजिस्टेंस 24,300 के नीचे बना हुआ है। बैंक निफ्टी (Bank Nifty) भी अहम सपोर्ट लेवल से नीचे है, जो एक मंदी (bearish) का संकेत दे रहा है।
यह स्थिति भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के लिए भी चुनौती पेश कर रही है। RBI ने रेपो रेट 5.25% पर बनाए रखा है और FY26 के लिए GDP ग्रोथ 7.4% रहने का अनुमान लगाया है, जबकि महंगाई 2.1% के आसपास रहने की उम्मीद है। RBI लिक्विडिटी मैनेजमेंट के जरिए वित्तीय स्थिरता बनाए रखने की कोशिश कर रहा है।
ऐसे चुनौतीपूर्ण वैश्विक माहौल में, Bajaj Broking Research ने अपनी रिसर्च में दो शेयरों पर खास ध्यान दिया है, जिनमें तकनीकी (technical) तौर पर अच्छी संभावनाएं दिख रही हैं।
इनमें पहला नाम है Belrise Industries का, जो ऑटोमोटिव कंपोनेंट्स बनाने वाली कंपनी है। ब्रोकरेज का सुझाव है कि इसे ₹176.00-₹180.00 के दायरे में खरीदा जाए, जिसका टारगेट प्राइस ₹204 रखा गया है। 19 मार्च 2026 को यह शेयर ₹177.27 के स्तर पर कारोबार कर रहा था, जो कि खरीदने के दायरे में ही था।
Belrise Industries का P/E रेश्यो लगभग 34.3 है, जो सेक्टर के औसत 41.32 से कम है। यह इसे एक आकर्षक वैल्यूएशन (attractive valuation) पर होने का संकेत देता है। कंपनी का मार्केट कैपिटलाइजेशन (market capitalization) करीब ₹15,775 करोड़ है। हालांकि, निवेशकों को एक बात पर गौर करना चाहिए कि पिछले तिमाही में प्रमोटर होल्डिंग (promoter holding) में 6.55% की कमी आई है।
दूसरा शेयर है Jayaswal Neco Industries, जो स्टील सेक्टर में काम करती है। Bajaj Broking इसे ₹69-₹71 के भाव पर खरीदने की सलाह दे रहा है, और ₹81 का टारगेट प्राइस सेट किया है। इससे अगले तीन महीनों में संभावित 15% रिटर्न मिल सकता है।
19 मार्च 2026 को शेयर करीब ₹70.15 पर था। ₹7,000 करोड़ के मार्केट कैप वाली इस कंपनी का P/E रेश्यो करीब 18.22 है, जो इंडस्ट्री के औसत 23.36 से कम है। यह इसे अपने प्रतिस्पर्धियों के मुकाबले बेहतर वैल्यूएशन पर दिखाता है। हालांकि, इसका रिटर्न ऑन इक्विटी (ROE) लगभग 4.86% है, जो कुछ हद तक कम है। Jayaswal Neco Industries का मुकाबला JSW Steel और Tata Steel जैसी बड़ी स्टील कंपनियों से है।
इन शेयरों में तेजी की संभावनाओं के बावजूद, कुछ महत्वपूर्ण जोखिम भी हैं। तेल की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी इंपोर्टेड महंगाई को बढ़ा सकती है और RBI के फैसलों को प्रभावित कर सकती है। मध्य पूर्व में किसी भी तरह का भू-राजनीतिक तनाव (geopolitical escalation) ट्रेड रूट्स को बाधित कर सकता है, जिससे भारत के CAD पर और दबाव आ सकता है और कैपिटल आउटफ्लो (capital outflow) बढ़ सकता है।
Belrise Industries के मामले में प्रमोटर होल्डिंग में आई कमी पर निवेशकों को ध्यान देना चाहिए। वहीं, Jayaswal Neco Industries का कम ROE शेयरधारकों के लिए रिटर्न जेनरेट करने में इसकी क्षमता पर सवाल खड़े करता है।
कुल मिलाकर, भारतीय बाजार के वोलेटाइल (volatile) बने रहने की उम्मीद है, जो वैश्विक भू-राजनीतिक घटनाओं और ब्याज दरों के ट्रेंड से प्रभावित होगा। US फेडरल रिजर्व के संकेतों से 2026 में सीमित रेट कट और लिक्विडिटी में कमी की संभावना है। इन सबके बीच, Belrise Industries और Jayaswal Neco Industries का भविष्य काफी हद तक उनकी रणनीतियों और इन वैश्विक आर्थिक कारकों व आंतरिक परिचालन चुनौतियों से निपटने की उनकी क्षमता पर निर्भर करेगा।