Bajaj Auto ने Q1FY27 के लिए स्टैंडअलोन EBITDA में **45%** की सालाना बढ़ोतरी दर्ज की है, जो ₹36 अरब रही। ब्रोकरेज फर्म Anand Rathi ने मजबूत डिमांड और इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) मार्जिन में सुधार को देखते हुए स्टॉक का टारगेट प्राइस बढ़ाकर ₹12,800 कर दिया है।
Detailed Coverage
Bajaj Auto का शानदार प्रदर्शन
Bajaj Auto ने अपने कोर ऑपरेशन्स में लगातार ग्रोथ दिखाई है, वित्तीय वर्ष 2027 की पहली तिमाही (Q1FY27) के लिए कंपनी के स्टैंडअलोन EBITDA में 45% की सालाना बढ़ोतरी दर्ज की गई है। यह ₹36 अरब रहा। इस नतीजे ने कई बाजार उम्मीदों को पार कर दिया है, जिसका मुख्य कारण इस अवधि के दौरान उम्मीद से कम ऑपरेटिंग खर्चे रहे।
ब्रोकरेज फर्म की नई राय
इन नतीजों के बाद, ब्रोकरेज फर्म Anand Rathi ने स्टॉक के लिए अपना टारगेट प्राइस बढ़ाकर ₹12,800 कर दिया है, जो पहले ₹10,750 था।
प्रदर्शन को प्रभावित करने वाले कारक
कंपनी को घरेलू और एक्सपोर्ट दोनों टू-व्हीलर मार्केट में लगातार डिमांड का फायदा मिल रहा है। मार्केट एक्सपैंशन एफर्ट्स और GST स्ट्रक्चर में कुछ राहत से बिजनेस ग्रोथ को सपोर्ट मिल रहा है। कंपनी की वर्तमान स्ट्रेटेजी का एक अहम हिस्सा इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) स्पेस में आक्रामक बढ़त है, जो ओवरऑल मॉडल मिक्स में तेजी से योगदान दे रहा है। इसके अलावा, Bajaj Auto ऐतिहासिक रूप से कच्चे माल की बढ़ती कीमतों का सामना करते हुए भी अपने प्रॉफिट मार्जिन को स्टेबल रखने में कामयाब रही है।
फाइनेंशियल आउटलुक और वैल्यूएशन
वित्तीय वर्ष 2028 को देखते हुए, एनालिस्ट्स कंपनी के लिए एक स्टेबल ग्रोथ की उम्मीद कर रहे हैं। अनुमान है कि Bajaj Auto के रेवेन्यू में 16% और आफ्टर-टैक्स प्रॉफिट में 18% का कंपाउंड एनुअल ग्रोथ रेट (CAGR) देखने को मिल सकता है। ब्रोकरेज द्वारा की गई वैल्यूएशन में सम-ऑफ-द-पार्ट्स (Sum-of-the-parts) अप्रोच का इस्तेमाल किया गया है। इसमें कोर मोटरसाइकिल बिजनेस को उसके अनुमानित FY28 अर्निंग्स पर शेयर (EPS) के 25 गुना वैल्यू दिया गया है, साथ ही कंपनी के कैश रिजर्व, हेल्ड शेयर्स और Pierer Mobility व Bajaj Auto Credit जैसी एंटिटीज में निवेश का भी ध्यान रखा गया है।
जोखिम और भविष्य की निगरानी
हालांकि कंपनी का मार्जिन प्रोफाइल स्टेबल है, लेकिन निवेशकों की नजरें इंटरनेशनल एक्सपोर्ट मार्केट्स में डिमांड में उतार-चढ़ाव और इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर सेगमेंट की कॉम्पिटिटिव नेचर से जुड़े संभावित जोखिमों पर भी रहती हैं। आने वाले प्रोडक्ट लॉन्च की सफलता करंट मार्केट शेयर को बनाए रखने या बढ़ाने के लिए महत्वपूर्ण होगी। इसके अतिरिक्त, भले ही कंपनी ने पिछले इनपुट कॉस्ट प्रेशर को अच्छी तरह से मैनेज किया है, कच्चे माल की कीमतों में कोई भी अचानक, तेज उछाल जिसे करेंसी गेन या ऑपरेशनल एफिशिएंसी से ऑफसेट न किया जा सके, मार्जिन पर दबाव डाल सकता है। निवेशकों के लिए अगला कदम इलेक्ट्रिक व्हीकल एडॉप्शन की स्पीड और ट्रेडिशनल कम्बशन इंजन व नए एनर्जी प्रोडक्ट्स के बीच ट्रांजिशन को बैलेंस करते हुए वॉल्यूम ग्रोथ बनाए रखने की कंपनी की क्षमता की निगरानी करना होगा।
